उत्तराखण्ड

जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक संस्था का प्रथम वार्षिकोत्सव, सम्मान समारोह एवं तीन नवीन पुस्तकों का लोकार्पण गरिमापूर्ण वातावरण में हुआ सम्पन्न

utkarshexpress.com देहरादून – 19 जुलाई। जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था के तत्त्वावधान में संस्था का प्रथम वार्षिकोत्सव, सम्मान समारोह एवं तीन नवीन पुस्तकों का लोकार्पण अत्यंत गरिमामय एवं सफलतापूर्वक होटल वाईसराय इन, देहरादून में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रदेश एवं देशभर से पधारे साहित्यकारों, समाजसेवियों, पत्रकारों, शिक्षाविद, कलाकारों एवं गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्रीमती राधा रतूड़ी (आई.ए.एस., मुख्य सूचना आयुक्त, उत्तराखण्ड) रहीं। अति विशिष्ट अतिथि अनिल रतूड़ी, (पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड) की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह की शोभा बढ़ाई। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सुधा रानी पांडे, डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, असीम शुक्ल, पद्म डॉ. कल्याण सिंह रावत , डॉ. राम विनय सिंह एवं शिव मोहन सिंह सहित अनेक वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन ओज कवि श्रीकांत ‘श्री’ ने अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया।
समारोह में संस्था की संस्थापक-अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ की तीन नवीन कृतियां; ‘कहती सबसे नेह’ (कुण्डलियाँ संग्रह), ‘नेहामृत साहस्री’ (दोहा संग्रह) तथा ‘दुहिता नेह कलश’ (घनाक्षरी संग्रह) का विधिवत लोकार्पण किया गया, जिसे उपस्थित साहित्यकारों ने अत्यंत सराहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती कविता बिष्ट द्वारा रचित सरस्वती वन्दना “वरदायिनी माँ शारदे, हे ज्ञान देवी मोहिनी” सुप्रसिद्ध गायिका, संगीत शिक्षिका श्रीमती इंगिता पुजारी की सुमधुर आवाज में गायन से हुआ जिसने वातावरण को पवित्रता एवं माधुर्य से भर दिया।
समारोह का सर्वाधिक गौरवपूर्ण क्षण वह रहा जब संस्था द्वारा अपने सर्वोच्च सम्मान ‘जीवन्ती देवभूमि–शिखर विभूति सम्मान’ श्रीमती राधा रतूड़ी (आई.ए.एस., मुख्य सूचना आयुक्त, उत्तराखण्ड) को उत्कृष्ट प्रशासनिक नेतृत्व, लोकसेवा एवं समाज के प्रति उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त साहित्य, संस्कृति, पत्रकारिता एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक साहित्यकारों, पत्रकारों, कलाकारों एवं समाजसेवियों को ‘जीवन्ती देवभूमि गौरव सम्मान’ से अलंकृत किया गया।
कार्यक्रम में कवयित्री श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने अपनी साहित्य यात्रा की चर्चा करते हुए अपनी रचनाओं की संक्षिप्त जानकारी साझा की।
तथा “माता का निस्वार्थ प्यार” रचना का सुमधुर गायन किया।
कार्यक्रम में संस्था द्वारा प्रथम वर्ष में किए गए साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यों का प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया गया। नियमित निःशुल्क काव्य गोष्ठियाँ, छंद-शिक्षण अभियान, राष्ट्रीय दोहा प्रतियोगिता, नवोदित रचनाकारों को मंच प्रदान करना, अनाथालयों एवं वृद्धाश्रमों में सेवा कार्य, आपदा पीड़ितों की सहायता तथा पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों की जानकारी साँझा की गई। साथ ही आगामी वर्षों की जनहितकारी योजनाओं एवं साहित्यिक गतिविधियों की
रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई।
समारोह को और गरिमा प्रदान करते हुए मधुर कंठ स्वामिनी श्रीमती महिमा ने कविता बिष्ट ‘नेह’ की गजल “तुम्हें श्याम बंसी बजानी पड़ेगी”, डॉ क्षमा कौशिक ने “मातु भाल में त्रिपुण्ड, गले सजी माल मुंड”,
श्रीमती अंकिता पुजारी ने “अगर चिलमन हटा दो तुम”, श्रीमती अनीता सोनी ने “नव रस नव गति ताल नव” की सुंदर प्रस्तुति देकर कवयित्री कविता बिष्ट ‘नेह’ का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का अति प्रभावशाली संचालन ओज कवि एवं प्रतिष्ठित संचालक श्रीकांत श्री जी ने किया। दूसरे सत्र का कुशल संचालन संस्था के संगठन मंत्री कुमार विजय द्रोणी ने किया।
समारोह में कविता बिष्ट ‘नेह’, जी.के. पिपिल, कुमार विजय ‘द्रोणी’, मणि अग्रवाल ‘मणिका’, डॉ. भारती मिश्रा, विजय प्रसाद खंडूरी, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, दिलीप सिंह बिष्ट, जनाब अम्बर खरबंदा, डॉ. राम विनय सिंह, श्रीकांत ‘श्री’, महिमा ‘श्री’, बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’, जसवीर हलधर, सत्य प्रकाश ‘सत्य’, सुधा जुगरान, अनुराधा जुगरान, सरोजनी नौटियाल, डॉ. क्षमा कौशिक, कल्पना बहुगुणा, संगीता नैथानी, प्रतिभा नैथानी, मोनिका मंताशा, रमा गोयल, धीरेंद्र प्रताप, अश्वनी त्रिपाठी, संगीता वर्मानी, जगदीश बाबला, मीना अदलखा,पवन शर्मा, संजय प्रधान, सतेंद्र शर्मा ‘तरंग’, महेंद्र प्रकाशी, उर्मिला राममूर्ति, रवि हरीश, आनंद राजपूत, राकेश जैन, धर्मेन्द्र उनियाल, दिव्यांशु, गौरव विवेक, प्रदीप ‘मायूस’, विवेक बादल, अवस्थी, नवीन, निधि सिंह, डॉ. नीता कुकरेती, नवल राणा, डॉ. भगत सिंह राणा ‘हिमाद’, आभा सक्सेना ‘दूनवी’, रेखा जोशी, सिद्धि डोभाल, अर्चना झा ‘सरित’, निशा अतुल्य, यामा शर्मा, अरुण भट्ट, के.डी. शर्मा, निकी पुष्कर, पवन कुमार सूरज, संगीता शाह ‘शकुन’, नीरू गुप्ता ‘मोहिनी’ तथा शिवचरण शर्मा ‘मुज़्तर’, डॉ. नेहा बिष्ट, दर्शन सिंह रावत, राम सिंह बिष्ट, दिनेश सिंह रावत, दीपक सिंह बिष्ट, मंजु चमोली सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
ये संस्था अभी अपने प्रथम वर्ष में है, किंतु आपके स्नेह, सहयोग एवं मार्गदर्शन से इस अल्प समय में साहित्य, समाज सेवा और सांस्कृतिक संरक्षण के क्षेत्र में अनेक उल्लेखनीय कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। हमारा उद्देश्य साहित्य सृजन, समाज में संस्कार, सेवा, संस्कृति और संवेदनाओं का प्रसार करना है।
प्रथम वर्ष की प्रमुख उपलब्धियाँ –
प्रत्येक माह निःशुल्क साहित्यिक काव्य गोष्ठियों का नियमित आयोजन, छंद गुरुओं के मार्गदर्शन में निःशुल्क छंद शिक्षण कक्षाओं का संचालन, राष्ट्रीय स्तर की दोहा प्रतियोगिता का सफल आयोजन एवं प्रतिभाओं का सम्मान, देश के विभिन्न राज्यों के प्रतिष्ठित कवियों के साथ भव्य कवि सम्मेलनों का आयोजन, नवोदित कवियों एवं रचनाकारों को साहित्यिक मंच प्रदान कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहन, विद्यालयों एवं अनाथालयों में साहित्यिक एवं प्रेरणात्मक कार्यक्रमों का आयोजन, अनाथालयों में खाद्य सामग्री एवं आवश्यक वस्तुओं का वितरण, वृद्धाश्रमों में वस्त्र, खाद्य सामग्री एवं आवश्यक सामग्री वितरित कर सेवा कार्य, आपदा प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री एवं आवश्यक सहयोग पहुँचाना, राष्ट्रीय पर्वों, लोकपर्वों एवं सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से भारतीय संस्कृति एवं सामाजिक जागरूकता का प्रसार। सभी सदस्यों के सहयोग से यह संभव हो पाया।
संस्था की संस्थापक-अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने समारोह को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, साहित्यकारों, पत्रकार बंधुओं का आभार व्यक्त किया। सफल कार्यक्रम की सभी को हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएँ।

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