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भोजपुरी सोहर गीत – श्याम कुमार भारती

कहवा जनमेले कन्हइया बाजेले गोकुला बधईया हो।
ए ललना के हो लुटावे रुपइया त
देवता हर्षावेले हो।
जेलवा में जनमेले कनहइया बाजेले गोकुला बधइया हो ।
ए ललना नंद बाबा लुटावेले रुपइया त,
देवता हर्षावेले हो।
देवकी की गोदिया में भादो आधी रतिया में जनमेले कनहइया हो।
ए ललना बासुदेव उठावेले टोकरिया त
देवता हर्षावेले हो।
ऊफनेली यमुना गर्दन तक पनिया यमुना लेवे ली बलइया हो।
ए ललना गोड़वा छुवेली कन्हइया त
देवता हर्षावेले हो ।
नंद के घरवा आनंद भेइले गोपी गावेली सोहर बधइया हो।
ए ललना गोकुला में बाजेला बजनवा त,
देवता हर्षावेले हो।
युग युग जिया तू ललनवा यशोदा झुलावेली झुलनवा हो।
ए ललना पलना में झुलेले कन्हइया त,
देवता हर्षावेले हो।
– श्याम कुंवर भारती ( राजभर)*
बोकारो, झारखंड , मॉब.9955509286




