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ॐ नमः भगवते वासुदेवाय – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी

पीत बसन विष्णु के, वेणु अधर कृष्ण के।
पालक वो संसार के, जगदीश ध्याइये।
शेषनाग की शैया है, नर रूप कन्हैया है।
राजनीति प्रबल है, आशीर्वाद पाइये।
सखा ग्वाल-बाल के, ज्यों तिलक हैं भाल के।
सेनापति बन आप, संकट मिटाइये।
हर गोपी नेह करे, झलक ही उल्लास भरे।
नवनीत के चोर को, प्रीति से मनाइये।।
– कर्नल प्रवीण त्रिपाठी, नोएडा, उत्तर प्रदेश




