मनोरंजन
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शिव जी सावन में आना – आर. सूर्य कुमारी
देर न करना , आना ही आना , जल्दी से आना , सावन में आना, हम आंख बिछाए जल…
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दो प्याली चाय – डॉ. रेखा मित्तल
दो प्याली चाय कुछ कविताएं कुछ कहानियां संग तुम्हारी बातें गंभीर सी हंसी न जाने वह सुरमई सी शाम…
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कबीर एक बरगद – दीपक राही
कबीर एक बरगद है, जो फैला हुआ है, उसकी ज्ञान की शाखाएँ सदा जुड़ी रही हैं ज़मीन से। …
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ग़ज़ल – कशिश
यह तमन्नाओं का गुलज़ार बहुत अच्छा है, मौसम-ए-हिज्र तो इस बार बहुत अच्छा है। ज़िन्दगी आई थी कुछ…
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कविता (डांस बार) – जसवीर सिंह हलधर
होटल में महँगी कारों से सुंदरियां मटक मटक आतीं । ऊँची एड़ी की चरण पादुका पहने चलती इठलातीं ।।…
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प्रयागराज सा मन – सविता सिंह
प्रयागराज सा संगम मन कहीं अनकही, कहीं सिसकती, अव्यक्त, अभिव्यक्त सी धड़कनें, अपरिभाषित से एहसासों की, दबी हुई उन…
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सफर में … ( कहानी) डॉ. सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – दोनों सफर में थे। वयस्क थे, अपना भला बुरा खूब समझते थे। टीन एजर्स भी नहीं, जो कल्पनाओं…
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बेकदर शहर में – अनिरुद्ध कुमार
भटक रहें बेकदर शहर में, कहाँ ठिकाना यहाँ नजर में। मिले सहारा यहीं तमन्ना, नया मुसाफिर बनें इधर…
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सावन की यादें और अनुभव- सुनील गुप्ता
( 1 ) सावन की यादें सावन की बातें, कभी भूले न भुलाई जा ही सकें ! वो अमवा…
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वोट मिलें बस चाहे जैसे – हरी राम यादव
मौका और मुंह देख देखकर, राजनीति में होती है बात। अपना करे ग़लत अगर कुछ, मुंह बंद, पीछे बांधों…
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