मनोरंजन
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गीत – जसवीर सिंह हलधर
आरोग्यम जीवन की पहचान बना लो । तन मन को रोग मुक्त अभियान बना लो ।। है योग…
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मधुमास घन – अनुराधा पाण्डेय
जगाते श्याम जलवाही, हृदय मधुमास घन सजना! दिलाकर याद सावन की, जगाए प्यास घन सजना! हृदय के शुष्क कोरों…
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हमें रोजगार चाहिए- अशोक यादव
किताबी कीड़ा और रट्टू तोता बनकर की पढ़ाई। दिन, महीने, साल बीते लेकिन नौकरी नहीं आई।। जाग उठा…
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दोहा (योग दिवस) – सुधीर श्रीवास्तव
योग दिवस पर क्यों भला, मचा रहे सब शोर। इससे पहले कब भला, खुली आँख थी भोर।। सपना…
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मानसून – सुनील गुप्ता
( 1 ) आ गया है अब माह जून, सक्रिय हो रहा है मानसून ! खूब नाच गा ले,…
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ताबूत की कीलें- प्रियंका सौरभ
शब्दों की पाठशालाएँ अब सन्नाटे में हैं, ज्ञान के दीप बुझते हैं, फीस की लौ जलती है। चिकित्सालय…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
बड़े प्यार से आज खुशियाँ मनाना, सभी के दिलो मे मुहब्बत जगाना। नही बोझ गम का ये हमने…
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नहीं और कुछ हम चाहते हैं तुमसे – गुरुदीन वर्मा
नहीं और कुछ हम चाहते नहीं तुमसे, हमको हमारी तुम खुशियां वह दे दो। चाहे करो नहीं तुम प्यार…
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रिश्तों की रणभूमि – डॉ सत्यवान सौरभ
लहू बहाया मैदानों में, जीत के ताज सिर पर सजाए, हर युद्ध से निकला विजेता, पर अपनों में खुद…
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लौट आना भी प्रेम ही है – ज्योत्सना जोशी
लौट आना स्वीकार्य भी है और अनिवार्य भी लौट आना हमेशा निर्बल या निरीह नहीं होता, लौट आना उन…
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