मनोरंजन
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क्या होगा – अनिरुद्ध कुमार
जब रूठ जाये जिंदगी तो क्या होगा, अंजान सा हो आदमी तो क्या होगा। सब चाहतें अपनी खुशी…
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भाभी ने जो छुपाया (लघुकथा) – विजय कुमार शर्मा
utkarshexpress.com – रक्षाबंधन आने में बस कुछ ही दिन बाकी थे। शिवानी ने अपनी भाभी प्रिया भाभी को फोन किया…
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गहराई – दीपक राही
गड्ढों की गहराई नहीं मापी जाती सिर्फ़ इंच-टेप से। कभी-कभी वो निगल जाते हैं… एक पूरी उम्मीद स्कूल…
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अमर ये ऋचाएँ – अनुराधा पाण्डेय
कहो ! क्या कलम चाँदनी में भिगोकर सतत लिख रहे हो अमर ये ऋचाएँ ? हृदय की व्यथा में…
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सच्ची मोहब्बत है तुमसे – गुरुदीन वर्मा
सच्ची मोहब्बत है तुमसे, ऐसा नहीं मैं कर पाता। कर दूँ मैं खूं मोहब्बत का, दिल का नहीं खूं…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
निकलते हैं मेरे आँसू सुखाना भूल जाते हैं, समायी माँ मेरे दिल मे दिखाना भूल जाते हैं। भटकता…
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काहे भूली गइला – श्याम कुँवर भारती
तोहरे खातिर तड़पे हमरो परनवा | काहे भूली गइला हमके सजनवा | सावन के बहार रहे बरखा के…
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शिव जी सावन में आना – आर. सूर्य कुमारी
देर न करना , आना ही आना , जल्दी से आना , सावन में आना, हम आंख बिछाए जल…
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दो प्याली चाय – डॉ. रेखा मित्तल
दो प्याली चाय कुछ कविताएं कुछ कहानियां संग तुम्हारी बातें गंभीर सी हंसी न जाने वह सुरमई सी शाम…
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कबीर एक बरगद – दीपक राही
कबीर एक बरगद है, जो फैला हुआ है, उसकी ज्ञान की शाखाएँ सदा जुड़ी रही हैं ज़मीन से। …
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