मनोरंजन
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ढाई आख़र – सविता सिंह
तुम्हारी यह प्रेम भरी बातें न जाने क्यों मुझमे प्रेम नहीं भर पाती। मत कहो तुम प्यार करते हो…
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मौसम मुस्काया – डा. अंजु लता सिंह
नभ में मची हलचल,मचल उठे बादल- दल-बल संग कुपित हुए,बरसे हो पागल, झमाझम बरसीं आँगन में बूँदें- शाख़,फूल,पत्तों पर…
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संयम – जया भराडे बडोदकर
utkarshexpress.com – उठते ही लता ने सबसे पहले अपने लिए एक कप चाय बनाई और फिर बालकनी में बैठे…
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खुद के दुःख का कारण – सुनील गुप्ता
( 1 ) खुद के दुःख का कारण, हैं हमारी अनंत मनोकामनाएं !! ( 2 ) स्वयं के…
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सोचा न था – अनुराधा पाण्डेय
भूलकर सोचा न था प्रिय ! पट मिलन के बंद होंगे। लूट लेगा राग रस को, वायरस लघु…
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बदलो सोच अपनी तुम भी – गुरुदीन वर्मा
शेर- तुम देखो जरा इस दुनिया को/अपनी हालत और कुटिया को// कुछ बदलो जरा अब तुम भी/अपनी भाषा और…
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भोजपुरी निर्गुण (गुरु भजन) – श्याम कुंवर भारती
गुरु बिना ज्ञान कहवा से पाई। गुरु के चरण सिर माथ नवाई। जरे ना कबों सुना तेल बिना…
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‘यमराज मेरा यार’ हास्य व्यंंग्य काव्य संग्रह – डॉ अमित कुमार
utkrshexpress.com – सार्वजनिक मंचो से देहदान की घोषणा कर चुके सुप्रसिद्ध कवि, दोहाकार छंद रचेता, पत्रकारिता के शौकीन कथा और…
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कविता (हरेला पर्व) – जसवीर सिंह हलधर
हरेला हम सबका त्योहार । करें हम धरती का शृंगार ।। प्रश्न मानव से करता यक्ष । लगाए कितने अब…
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विजय पथ – नीलकान्त सिंह नील
मैं तनय अपने स्वप्न बेचे तो स्वप्न तात हेतु क्रय किया मैं वो हू जिसने पाप किए तो निज…
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