मनोरंजन
-
निर्जला एकादशी – सुनील गुप्ता
है देवव्रत निर्जला एकादशी, फलदायिनी !!1!! जो करे व्रत ये मन भावना से, हो पुण्य प्राप्ति !!2!! …
Read More » -
पर्यावरण और वृक्ष – प्रकाश राय
धरा पर वृक्ष हों तो जीवन बन जाती है हरियाली, वृक्षों के छांव में बैठते ही मिलती है परम…
Read More » -
ॐ नमः भगवते वासुदेवाय – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
पीत बसन विष्णु के, वेणु अधर कृष्ण के। पालक वो संसार के, जगदीश ध्याइये। शेषनाग की शैया है,…
Read More » -
यदि मैं ख़ोज पाऊं – ज्योत्सना जोशी
यदि मैं ख़ोज पाऊं उन शब्दों को जो मौन को वर्णित कर पाए हूक पहले पहर उठी थी उस तड़प…
Read More » -
बाल सुलभ भावनाओं का शब्द चित्र है द्वय बाल काव्य संग्रह (पुस्तक समीक्षा) – सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – बाल मन को समझना इतना आसान नहीं होता, जितना हम आप मान लेते हैं, बाल मनोविज्ञान को समझने…
Read More » -
कहा से पइबा हउवा (भोजपुरी गीत) – श्याम कुंवर भारती
लगइबा नाही पेड़ भइया कहा से पइबा हउवा । फल फूल लकड़ी मिली ना कहा से पइबा छउवाँ। …
Read More » -
My trip in the train – Prakash Roy
utkarshexpress.com – When I was coming back from Khagaria district, Bihar some days ago where held a grand weding anniversary…
Read More » -
ग़ज़ल – रीता गुलाटी
आज जग मे बड़ा दगा पाया, खूब रोका, नही नफा पाया। नेकियाँ बहुत की जमाने मे, सबकी आँखो…
Read More » -
मेरी बेटी – रेखा मित्तल
बदलते किरदार जैसे-जैसे बड़ी हो रही हूँ सब किरदार बदल रहे हैं जिन नन्हें हाथों को पकड़ कर चलना सिखाया…
Read More » -
देह की दीवारें और आत्मा की पुकार – प्रियंका सौरभ
मैं स्त्री हूँ – देह से परे, मन की मौन पुकार, नमन की ज्वाला, समर्पण का उजास, किंतु देखो,…
Read More »