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बड़ा खास लगे संवरु – श्याम कुंवर भारती

सहलो में बरत उपवास बड़ा खास लगे सवरू ।
मईया हमरो रहिहे हमरे पास
उपवास बड़ा खास लगे सवरू ।
बारहों मास पर अइले नवरातन के दिनवा ।
माई के पुजे वाला बड़ा पावन बा महिनवा।
मनसा पूरा होइहें रखा माई विश्वाश।
उपवास बड़ा खास लगे सवरु ।
शेरवा सवारी माई के हाथे त्रिशूलवा।
ललकी चुनरिया गरवा अड़हुल फुलवा।
दुखवा के करिहे माई सगरो नाश।
उपवास बड़ा खास लगे सवरू।
देवी दुर्गा हई दयावली महिमा बा निराली।
केहू नाही जाला देवी दर से झोलिया हो खाली।
पूजा माई के भरी मनवा में उल्लास।
उपवास बड़ा खास लगे सवरू ।
माई के चरनिया भारती सिरवा झुकावेले।
हरी ला सब दुखवा माई रोई रोई सुनावेले।
रात दिन चले माई नामे हमरो साँस।
उपवास बड़ा खास लगे सवरू ।
सहलो में वरत उपवास बड़ा खास लगे सवरू ।
-श्याम कुंवर भारती( राजभर) बोकारो, झारखंड




