प्रियदर्शिनी, आयरन लेडी ऑफ़ इंडिय – डॉ अनमोल कुमार
31 अक्टूबर - श्रीमती इंदिरा गाँधी का शहादत दिवस पर विशेष

utkarshexpress.com – 31 अक्टूबर 1984 – भारत की पहली और अब तक की एकमात्र महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने देश की एकता के लिए अपने प्राण दे दिए।
उन्हें पंडित नेहरू प्यार से ‘प्रियदर्शिनी’ कहते थे।
एक नजर उनके जीवन पर
इनका जन्म: 19 नवंबर 1917, इलाहाबाद में हुआ था।
माता-पिता: जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू
प्रधानमंत्री: 1966-1977 और 1980-1984
देश के लिए उनके बड़े फैसले
1971 का युद्ध और बांग्लादेश का निर्माण: 93,000 पाक सैनिकों का आत्मसमर्पण – दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ी जीत में से एक। तभी अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें ‘दुर्गा’ कहा।
हरित क्रांति और बैंकों का राष्ट्रीयकरण: किसानों को आत्मनिर्भर बनाया और बैंकों को आम गरीब तक पहुंचाया।
पोखरण – 1974: पहला परमाणु परीक्षण – भारत को दुनिया की परमाणु शक्ति बनाया।
नारा दिया – “गरीबी हटाओ”
अंतिम दिन :-
ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद देश में तनाव था। 31 अक्टूबर की सुबह उन्होंने कहा था – “मैं आज जीवित हूँ, कल शायद न रहूँ… मेरे खून की हर बूंद भारत को मजबूत करेगी।” कुछ घंटों बाद ही अपने ही सुरक्षाकर्मियों की गोलियों से वे शहीद हो गईं। इंदिरा ने कहा था – “मेरे पिता ने स्वतंत्र भारत का सपना देखा, मैंने उस सपने को हकीकत में बदलने की कोशिश की।”
भारत की एकता और अखंडता के लिए दिया गया उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।




