उत्तराखण्ड

मणि अग्रवाल ‘मणिका’ की कृतियों ग़ज़ल-संग्रह ‘हम ग़ज़ल में ढल रहे हैं’ तथा बाल कविता-संग्रह ‘आओ मिल कविताएँ गाएँ’ का हुआ विमोचन

utkarshexpress,com – उत्तरांचल प्रेस क्लब, देहरादून में रविवार सायंकाल एक गरिमामय साहित्यिक आयोजन के अंतर्गत सुप्रसिद्ध कवयित्री मणि अग्रवाल ‘मणिका’ की दो नवीन कृतियों ग़ज़ल-संग्रह ‘हम ग़ज़ल में ढल रहे हैं’ तथा बाल कविता-संग्रह ‘आओ मिल कविताएँ गाएँ’ का लोकार्पण देश एवं प्रदेश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सुविख्यात वरिष्ठ शायर आदरणीय अंबर खरबंदा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में शिकोहाबाद से पधारे सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार एवं ग़ज़लकार प्रशांत उपाध्याय उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में हिंदी साहित्य समिति, देहरादून के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम विनय सिंह तथा विशिष्ट अतिथियों के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार शिव मोहन सिंह एवं फ़िरोज़ाबाद से पधारे वरिष्ठ कवि डॉ. संजीव सारस्वत ‘तपन’ मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संयोजन एवं प्रभावशाली सधा हुआ संचालन डॉ. भारती मिश्रा ने साहित्यिक गरिमा के अनुरूप किया।
समारोह का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके उपरांत डॉ. क्षमा कौशिक ने मणि अग्रवाल के ग़ज़ल-संग्रह से वाणी वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को सरस्वतीमय बना दिया। तत्पश्चात सभी मंचासीन अतिथियों का अंगवस्त्र, पुष्पमाला, हरित पौधा एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
लोकार्पण के पश्चात कवयित्री मणि अग्रवाल ‘मणिका’ ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए अपनी दोनों पुस्तकों की रचनात्मक यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि इन कृतियों में जीवन के अनुभव, सामाजिक संवेदनाएँ, मानवीय मूल्य तथा बालमन की सहजता को शब्द देने का प्रयास किया गया है।
ग़ज़ल-संग्रह ‘हम ग़ज़ल में ढल रहे हैं’ पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मणिका की ग़ज़लें समकालीन समाज के यथार्थ, प्रेम, संवेदना और मानवीय सरोकारों को सरल, प्रभावपूर्ण एवं गहन अभिव्यक्ति प्रदान करती हैं। वहीं बाल कविता-संग्रह ‘आओ मिल कविताएँ गाएँ’ की चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज के डिजिटल युग में बच्चों के लिए संस्कार, नैतिकता और रचनात्मकता से परिपूर्ण साहित्य की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक है, जिसे यह कृति सफलतापूर्वक पूरा करती है। इसमें संकलित कविताएँ बच्चों में जिज्ञासा, कल्पनाशीलता तथा मानवीय मूल्यों के विकास में सहायक सिद्ध होंगी।
कार्यक्रम में अरुण भट्ट एवं कविता बिष्ट ‘नेह’ ने “मणिका” की चयनित ग़ज़लों का प्रभावशाली पाठ कर श्रोताओं की भरपूर सराहना प्राप्त की। एवं बालिका निहारिका शर्मा ने “मणिका” की बाल कविता का सुंदर वाचन कर श्रोताओं का स्नेह प्राप्त किया। इसके उपरांत समारोह में सहयोग प्रदान करने वाले सभी साहित्यसेवियों को अंगवस्त्र, तुलसी माला एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया गया।
समारोह के अंत में अध्यक्ष अंबर खरबंदा ने अपने प्रेरक एवं सारगर्भित अध्यक्षीय उद्बोधन में साहित्य की सामाजिक भूमिका, ग़ज़ल की परंपरा तथा बाल साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मणि अग्रवाल ‘मणिका’ की दोनों कृतियों की मुक्तकंठ से सराहना की। इसके बाद डॉ. भारती मिश्रा ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित जनों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। सूक्ष्म जलपान के साथ यह गरिमामय एवं सफल साहित्यिक आयोजन आत्मीय वातावरण में संपन्न हुआ।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button