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भारत से बढ़कर- श्याम कुंवर भारती

अपने भारत से बढ़कर हमे कुछ भी प्यारा नहीं।
अपनी धरती का अनादर गंवारा नहीं।-
कितने दुश्मन आए और गए मगर सर हमने झुकाया नहीं।
लाख जुल्म हमने सहे मगर सिर पर उनको बैठाया नहीं।
चढ़ गये हंसते हंसते फांसी पर हम देश से किया कभी किनारा नहीं।
अपने भारत से बढ़कर …..।
फ़ौलाद की बेड़ियाँ भी हमको बांध पाई नहीं ।
ये मत पूछो कितनी लाठियां हमने खाई नहीं ।
मुँह से जय हिंद नारा गूंजा सदा नाम दुश्मन कभी भी पुकारा नहीं।
अपने भारत से बढ़कर …….।
आजाद भारत हुआ खुशहाली हुई नाम शहीदों का अमर हुआ।
विश्व में हिन्द जलवा सबकी नज़र हुआ ।
बढ़ाई ताकत को हमने अपने वतन
गुलाम बनायेगा कोई अब दुबारा नहीं।
अपने भारत से बढ़कर हमे कुछ भी प्यारा नहीं।
– श्याम कुंवर भारती
बोकारो,झारखंड मॉब.9955509286




