मनोरंजन
नन्हा फूल – डॉ. सत्यवान सौरभ

नन्हा फूल बगिया में खिला,
रंगों से सबको भरा मिला।
धूप में चमके, हवा संग खेले,
खुशियों की गंध से दिल को भरे।
टिटहरी आई पास बैठी,
मीठी-मीठी बाते कही।
दोस्ती की डोरी मजबूत की,
साथ-साथ सबने गीत गाए।
हर सुबह हो नई कहानी,
बचपन की प्यारी रवानी।
नन्हा फूल खिलता रहे,
सपनों का आसमान छूते रहे।
– डॉo सत्यवान सौरभ 333,
परी वाटिका, कौशल्या भवन,
बड़वा (सिवानी) भिवानी,
हरियाणा – 127045,




