मनोरंजन
डूब गई है वोट – डॉ. प्रियंका सौरभ

सेल्फी वाली भेंट ने, कर दी ऐसी चोट।
मुद्दों वाली नाव की, डूब गई है वोट।।
नेताओं की भीड़ में, चमके केवल फ़ोन,
भूखे बच्चों की तरफ, देखे अब है कौन।
रोटी से भी कीमती, लगती अब तो पोस्ट—
मुद्दों वाली नाव की, डूब गई है वोट।।
जाति-धर्म के नाम पर, बोले जाते बोल,
झूठे वादों की यहाँ, खुले रोज़ ही पोल।
सच्चाई की बात पर, लग जाती है चोट—
मुद्दों वाली नाव की, डूब गई है वोट।।
लगा कैमरा सामने, नेता बने महान,
पीछे सूखा गाँव है, रोता हिन्दुस्तान।
तालियों के शोर में, बिकता जनमत-नोट—
मुद्दों वाली नाव की, डूब गई है वोट।।
मोबाइल के फ्लैश में, अंधा हुआ समाज,
सेल्फी वाली भीड़ को, कब दिखता है राज।
चेहरों के बाजार में, सभी दिखें रोबोट—
मुद्दों वाली नाव की, डूब गई है वोट।।
– डॉ. प्रियंका सौरभ, उब्बा भवन, आर्यनगर,
हिसार (हरियाणा) – 125005, मोबाइल: 7015375570




