मनोरंजन
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प्रेस की चुप्पी, रीलों का शोर – डॉ. सत्यवान सौरभ
कभी जो कलम थी आग सी, अब फ़िल्टरों में खो गई। जो चीखती थी अन्याय पर, वो चुपचाप अब सो…
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‘विशिष्ट बेचैनी’,’बेलौस मस्ती’और कटाक्ष की कसौटी पर दुष्यन्त कुमार की ग़ज़लें- विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – दुष्यन्त कुमार आधुनिक हिन्दी साहित्य के ऐसे विशिष्ट ग़ज़लकार हैं, जिन्होंने ग़ज़ल को रूमानियत और श्रृंगार के परम्परागत…
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बात ख़त्म – सविता सिंह
तुम बोलो या ना बोलो, हमको सुनना है बात ख़त्म। हो चाहे जिसके भी तुम ,85w तुम बस मेरे…
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ईश्वर के नाम पत्र (हास्य) – सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – मानवीय मूल्यों का पूर्णतया अनुसरण करते हुए यह पत्र लिखने बैठा तो सोचा कि सच्चाई के पथ पर…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
ये जिंदगी भी हमें सताए्ं। कुसूर क्या जो ये दिन दिखाएं। सुनो बता दो खता हमारी। चलो भुला दे…
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जवाब मिला ही नहीं – सुनील गुप्ता
जवाब मिला ही नहीं, और खो दिया हमने तुम्हें ! वहाब हम दानी नहीं, फिर भी दिया सबकुछ तुम्हें…
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वो लौट के घर न आया – ज्योती वर्णवाल
दहलीज पे बैठी पत्नी आज भी राह निहारती है, सिंदूर की लंबी उम्र की, वो मन्नतें उतारती है। बच्चों ने…
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मिले तुमको खुशियां नये साल में – गुरुदीन वर्मा
मुबारक हो तुमको नया साल यह, मिले तुमको खुशियां नये साल में। मिटे सारे दुःख इस नये साल में, रहे…
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आराधिका साहित्यिक मंच की अटल जयंती काव्य गोष्ठी संपन्न
utkarshexpress.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में 25 दिसंबर’ 2025 को 56 वीं भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन…
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तेरी बाहों में जो ठहर जाए – ज्योती वर्णवाल
सच कहती हूँ… मुझे फिर से वो ‘रंजीत ‘ याद आता है। वो पहली नज़र, जब हम दोनों मिले थे,…
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