धर्म
नागपंचमी – सुनील गुप्ता

( 1 ) शिव का हार
शेषनाग आधार..,
करे उद्धार !!
( 2 ) नागपंचमी
तप धैर्य का बिंब..,
प्रिय वासुकी !!
( 3 ) शिव आनंद
न्याय धर्म स्वरूप..,
नाग श्रृंगार !!
( 4 ) पर्व निराला
शिवभक्ति समाया..,
जय शिवाला !!
( 5 ) धरा माता की
नाग-नागिन करें..,
सदैव रक्षा !!
( 6 ) विष हरते
नागराज हमारे..,
आशीष देते !!
( 7 ) तारणहार
शिव पालनहार..,
अति उदार !!
– सुनील गुप्ता,
जयपुर,,राजस्थान |




