मनोरंजन
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अलबेली ऋतु शरद की – डॉ क्षमा कौशिक
सर्दी पर छाया हुआ यह कैसा उन्माद। सूरज भी मद्धम हुआ, बढ़ता देख प्रमाद।। पंछी कोटर में छिपे, ढाँप…
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गीत – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
प्रतिभावान एक जननायक, याद अटल जी को कर लेना। पल दो पल उनकी यादों का, पानी आँखों में भर लेना।…
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काविता – जसवीर सिंह हलधर
हिंदी के उस जादूगर को , सिंहासन के अधिकारी को । शब्दों के सुमन समर्पित हैं, संन्यासी अटल बिहारी को…
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मैं -अनिरुद्ध कुमार
अस्त्तित्व विलय तुझमे करलूँ, अपनी पहचान मिटा लू मैं। अर्जुन सा संशय त्यागकृष्ण की गीता को अपना लू मैं। मैं…
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जवाब मिला ही नहीं – सुनील गुप्ता
जवाब मिला ही नहीं, और खो दिया हमने तुम्हें ! वहाब हम दानी नहीं, फिर भी दिया सबकुछ तुम्हें…
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हूर के खजाना – श्याम कुंवर भारती
तोहार मुंह लागे चान गोरी मोरे परान लेवे के बहाना बन गइलू। अंखियां लागे रतनार महक कचनार हूर के खजाना…
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सशक्त हस्ताक्षर की गोष्ठी में काव्य धारा हुई प्रवाहित
utkarshexpress.com जबलपुर – सशक्त हस्ताक्षर की 43 वीं काव्य गोष्ठी चंचल बाई महाविद्यालय में सानंद सम्पन्न हुई ၊ सबसे पहले…
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रिश्तों की गूंज- प्रियंका सौरभ
रिश्ते – वो मौन स्पंदन, जो न फासलों से बंधते हैं, न ही समय की सीमाओं से, ये तो दिल…
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ग़ज़ल – विनोद निराश
राजे-दिल अब वो बतलाने लगे है, मसअला पुराना सुलझाने लगे है। मिज़ाजे-मौसम की बात न पूछो, बादे-शबा आज बहकाने…
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मेहनत और सफलता – ज्योती कुमारी
तप के बिना कोई फल खिले—ये गीता की मधुर पुकार, कर्म की रोशनी ही तोड़ती है भाग्य का गहरा अँधियार।…
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