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टिकुली कला कार्यशाला लोककला एवं संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर

utkarshexpress.com बिहटा ( पटना) । टिकुली कला को बढ़ावा देने एवं ग्रामीण लोककला, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के उद्देश्य से जय हिन्द सीएलएफ के प्रांगण, मचहलपुर, लई, बिहटा, पटना में टिकुली कला कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में प्रियंका कुमारी (सभापति, नगर परिषद, बिहटा), अजातशत्रु (संस्थापक, एमजी सोशल केयर फाउंडेशन), अमित कुमार सिंह (जिला समन्वयक, एमजी सोशल केयर फाउंडेशन), निराला जी (जीविका, बिहटा) सागरिका वत्स(ट्रेनर) एवं बबलु कुमार (प्रखण्ड समन्वयक, बिहटा) सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रियंका कुमारी ने कहा कि टिकुली कला बिहार की समृद्ध लोककला एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस कला के माध्यम से देवी-देवताओं के चित्र, ग्रामीण जीवन, लोककथाएं, शादियां, त्योहार तथा रामायण और कृष्ण लीला के विभिन्न प्रसंगों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यशालाओं के माध्यम से पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों और महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं।
अजातशत्रु ने कहा कि टिकुली कला जैसी पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन आवश्यक है। वहीं अमित कुमार सिंह ने कहा कि कला एवं संस्कृति से जुड़े ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मंच प्रदान करते हैं।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को टिकुली कला की बारीकियों, पारंपरिक चित्रांकन एवं विभिन्न विषयों को कलात्मक रूप देने की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने बिहार की पारंपरिक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य टिकुली कला के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के साथ स्थानीय स्तर पर कला आधारित आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना रहा।   रिपोर्ट डॉ अनमोल कुमार

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