मनोरंजन
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मेरी कलम से – डा० क्षमा कौशिक
सुख छलिया ही रहा …. सदा रहा न साथ दुख भी थोड़े समय का नही रहेगा साथ, पतझर भी रहता…
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सून–सुना – प्रदीप सहारे
धनतेरस के दिन, मैंने लक्ष्मी माँ से, “गुलाम” फ़िल्म के गुलाम की तरह पूछा — “लक्ष्मी माँ, सून…” वह बोली…
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गीतिका – मधु शुक्ला
सुख दुख मिलकर जहाँ बाँटते, कहलाता परिवार। प्रीत परस्पर त्याग भाव ही, जीने का आधार। जीवन पथ के…
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हो निर्मल आचरण – सुनील गुप्ता
( 1 ) हो आचरण निर्मल हमारा, कहें वही, जो हम करें ! पर उपदेश कुशल बहुतेरे.., जे आचरहिं, ते…
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इस तरहां यहाँ लोगों से – गुरुदीन वर्मा
इस तरहां यहाँ लोगों से, रहा नहीं मतलब मुझको। मिला हर कोई बदलता, पल में रूप अपना मुझको।। इस…
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असरानी यानि हंसी का खजाना – राकेश अचल
utkarshexpress.com – मैंने जबसे हिंदी फिल्में देखना शुरू कीं तभी से असरानी को फिल्मों मे काम करते देख रहा था। मैने…
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जगमग अयोध्या की दिवाली – श्याम भारती
अयोध्या आए राम राजा संग सीता महारानी। हर्षित अयोध्या करे स्वागत विश्वामित्र गुरु ज्ञानी । है तैयारी राज तिलक…
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विजय का उत्सव दीपावली – अशोक यादव
घरों-घर में देहली-दीपकों की लगी है कतार। नए पटाखे की ध्वनि से गूँज रहा सारा संसार।। खुशियों की सौगात लेकर…
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दिल का दीया – सविता सिंह
ये दीये तो जल के फिर बुझ जायेंगे, कुछ पल की रोशनी बन छिप जायेंगे, एक दीप है अंतस किसी…
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दीपावली – रीता गुलाटी
आ गयी दीपावली घर उजाला हो गया। दीप घर घर में जले हैं घर ये उजला हो गया। क्या कहा…
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