मनोरंजन
-
आधुनिकता – ज्योती कुमारी
आधुनिकता की इस तेज़ रफ़्तार में अब ऐसा चलन है, कि चंदा मामा भी दूर नहीं — बस “टूर” भर…
Read More » -
मेरी कलम से – रुचि मित्तल
सितारों से बहुत आगे निकल जाये कहीं हम तुम, जहां अपनी मुहब्बत का बसाये अब वहीं हम तुम। …
Read More » -
हिंदी कविता – रेखा मित्तल
वक्त ही कहां मिला सरकती गई उम्र तमाम जिम्मेदारियों में कब दबे पाँव जिंदगी रेत की तरह फिसल गई अपने…
Read More » -
भाव संपन्न काव्य यात्रा है ‘जब तक है जिंदगी’ – डॉ अमित कुमार” बिजनौरी”
utkarshexpress.com – सुधीर श्रीवास्तव का कविता–संग्रह ”जब तक है जिंदगी” मानवीय संवेदनाओं, जीवन-दर्शन और सामाजिक अनुभूतियों का समृद्ध दस्तावेज़ है।…
Read More » -
राधा-राधा – सुनील गुप्ता
राधा-राधा मन बोले राधा, चलें झूमते, गाते राधा ! प्राण हृदय में बसें हैं राधे…, भजते चलें, निश दिन राधा…
Read More » -
भोजपुरी कन्यादान विवाह गीत -श्याम कुंवर भारती
हरियर बंसवा के बाबा हो मड़वा छवाई दिहला। केवन कसूर बेटी के पराई कईला बाबा हो काहे कन्यादान कइला ना।…
Read More » -
कैसे कह दूँ, – प्रियंका सौरभ
कि मैं एकलौती नहीं? हर बेटी, हर बहन, हर माँ, इस दोहरी सोच की बेड़ियों में जकड़ी है, जो प्रेम…
Read More » -
‘विमलांजलि’- संवेदनशील मन की जीवन-यात्रा का संग्रह- संजीव कुमार भटनागर
Utkarshexpress,com – यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव की पाँचवीं पुस्तक ‘विमलांजलि’एक विहंगम और व्यापक काव्य-संकलन है, जिसमें 309 पृष्ठों में 217…
Read More » -
शिशिर माह की शाम सखे ! – अनुराधा पांडेय
क्या फिर से वापस आएंगी? वो शिशिर माह की शाम सखे! जब मिला निमंत्रण मिलने का पग बिन सोचे उस…
Read More » -
ग़ज़ल – रीता गुलाटी
तुम्हारे इश्क मे हम ख़ुद को बस मिटा देगें। तेरी दीवानगी मे दुनिया को हम भुला देगें। वो दर्द…
Read More »