मनोरंजन
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गीतिका – मधु शुक्ला
विघ्नहर्ता को विमल मन जब पुकारे, दूर होते जिंदगी के खार सारे। भक्त जन के कार्य सब निर्विघ्न…
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कविता – नीलांजना गुप्ता
वासना का नाम न दो खो चुकी हूँ बहुत कुछ अब नई पहचान न दो प्यार को प्रिय वासना…
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वरिष्ठ कवि यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव को सादर समर्पित – कुलदीप सिंह रुहेला
एक ऐसा कवि, जिसके शब्दों में झिलमिलाती है रौशनी, जिनकी कविता बनती है अंधियारे में चमकती कलम की संजीवनी उसने…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
देखा है जो ख्याबो मे वो साकार करेगे। माना है तुम्हें दिल से तुम्हे प्यार करेगे। छोडो ये…
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रह गई मन की मन में – गुरुदीन वर्मा
रह गई मन की मन में, कर नहीं पाये वह मगर। सब कुछ हाथ में ही था, कर नहीं पाये…
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शरद पूर्णिमा – सुनील गुप्ता
( 1 ) शरद पूर्णिमा जीवन खिलखिलाती आयी प्रेम आनंद हर्षाए रे.., चले जीवन को रचाए और महकाए रे…
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गीत – जसवीर सिंह हलधर
भारती के भाल का शृंगार हिंदी में छुपा है । देश में सद भाव का आधार हिंदी में छुपा…
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प्रेम -रश्मि मृदुलिका’
मैंने प्रेम में सांझ हो जाना चाहा, जैसे राधे सी हो जाना चाहा, प्रात: की रोशनी में जग की सोचूँ,…
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पेंशन नहीं, पराक्रम दो – प्रियंका सौरभ
नेताओं की मेवा बहुत हो गई, अब सेवा की बारी है, जो वादा करते सीमा पर जान देने का,…
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तेरा साया है हम – श्याम कुंवर भारती
तुम याद करो न करो मुझे गुजरे लम्हे याद आ ही जाते है। भूल जाऊं मैं तुमको कैसे सोए…
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