मनोरंजन
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क़िस्मत खोटी हलधर की – जसवीर सिंह हलधर
मंडी के नंबरदारों ने छीनी रोटी हलधर की ! सरकारी ठेकेदारों ने काटी चोटी हलधर की ! आजादी मांगी…
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गीतिका – मधु शुक्ला
संगम शब्दों का जब होता, भावों का मेला लगता है, लेखन की दुनियाँ को सुंदर, कविता का मोती मिलता है।…
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स्लोगन – सुधीर श्रीवास्तवम
शिक्षा का ना कोई मोल।जीवन बन जाये अनमोल।। बाँटो सदा ज्ञान का प्रकाश।मिलेगा मन को संतोषाकाश।। बाँटो जितना बढ़ेगा उतना…
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इंसान बनके जीना सीखें – सुनील गुप्ता
इंसान बनके जीना सीखें, और सीखें मदद करना ! अपने लिए कुछ न मांगें…, सबकुछ औरों पे लुटाते चलना !!1!!…
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माँ की डिग्रियाँ – रेखा मित्तल
बिन पूछे ही पढ़ लेती है मेरे दिल का सारा हाल बिन बताए ही जान लेती मेरी भूख का सवाल…
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कोई नहीं मिला इतना वफ़ा – गुरुदीन वर्मा
कोई नहीं मिला इतना वफ़ा, विश्वास जो उसपे करकै। उसको पुकारे आवाज देकर, या फिर बुलाये चिट्ठी लिखकै।। कोई नहीं…
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‘विमला ज्ञान साहित्य मंच’ पर काव्य गोष्ठी एवं काव्य संग्रह ‘विमालांजलि’ का हुआ विमोचन
utkarshexpress.com – माता-पिता/ सास-ससुर की स्मृतियों को जीवंत रखने के उद्देश्य से अंजू श्रीवास्तव/ सुधीर श्रीवास्तव द्वारा स्थापित ‘विमला ज्ञान साहित्य…
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खुद को जाना – ज्योत्सना जोशी
दूसरों को मिलकर उनको कितना जान पाएं हैं यह कहना मुश्किल है लेकिन उनको मिलने के पश्चात स्वयं तक कुछ…
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नींद और जागृति – प्रियंका सौरभ
नींद तो हर रोज़ खुलती है, पर क्या खुलती हैं आँखें सच में? मन के अंधेरों में कहीं छुपी,…
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यादों की छांव में (कहानी) – किशन लाल शर्मा
utkarshexpress.com पुणे – पुणे रेलवे स्टेशन के वेटिंग रूम में रमन बैठा था। वह एक मीटिंग से वापस लौट रहा था।…
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