मनोरंजन
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तीजा के तिहार – अशोक यादव
आवत होहीं गियाँ ओ, मोर भाई, ददा मन लेवाए ल। पोरा अउ तीजा के तिहार म, मइके जाहूँ मनाए ल।।…
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याद में तेरे – सविता सिंह
तुम्हारी याद में हमने जलाया दीप जो पल-पल, उसी की बुझी तीली से बनाया यादों का महल। कितनी बार…
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बस यूँ ही – ज्योत्सना जोशी
utkarshexpress.com – अपने मन की सारी की सारी छटपटाहट तो अपने सबसे प्रिय से भी सांझा नहीं करनी चाहिए…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
वो जीते है गरीबी मे,उन्हे सब दुख थकाते हैं, बचा पाते नही कुछ भी,वो जितना भी कमाते हैं। …
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सबके मन में लाखों पेंच – अनिरुद्ध कुमार
झूठ कहीं त सब कोई पूजें, साँच कहीं त लागे ठेस। झूठ साँच में समय गुजारी, पग-पग देखीं बदलल…
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क्यों बनाये जाते रिश्तें ? – गुरुदीन वर्मा
क्यों बनाये जाते हैं ये रिश्तें, जबकि सच तो यह है, कि कोई भी नहीं मरता है, मरने वाले…
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गीत – जसवीर सिंह हलधर
बलिदानों की गाथा के, वर्णन को नमन करें । भारत के वैदिक ज्ञान और, दर्शन को नमन करें ।।…
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विट्ठल – सुनील गुप्ता
(1) श्रीविष्णु अवतार विठोबा पांडुरंगजी, चले बरसाएं श्रीकृपा अपार !! (2) श्रीविट्ठल-विट्ठल बोलते रहिए, होते चलेंगे काम यहाँपर…
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निमिया लगाई दा – श्याम कुंवर भारती
पिया सवनवा में अंगना बनवाई दा। टुटही मड़ईया तनी छवाई दा। दुअरा पर निमिया गड़ाई दा ना। करे…
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मेरी कलम से – रुचि मित्तल
तुम्हारी आँख का आँसू हमारी आँख में गुम है बड़े नादाँ हो अब भी पूछते हो आशिकी क्या है?…
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