मनोरंजन
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छंद छटा (वन्देमातरम) – जसवीर सिंह हलधर
दासता से जूझने को , लिखा गया एक गीत , शब्द का सिपाही ख़ास संत्र वन्देमातरम । जाति और मज़हबी,बीमारी…
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गीतिक – मधु शुक्ला
अब नया कौटिल्य कोई देश हित में ढूंढ लायें, स्वर्ग सी सुंदर मनोहर निज धरा को हम बनायें । एकता…
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विचारों की सुंदरता ही असली सुंदरता – फौजिया नसीम शाद
utkarshexpress.com – अक़्सर ख़ूबसूरती को केवल चेहरे की बनावट, रंगत और महंगे सौंदर्य-उत्पादों से जोड़ा जाता है। लेकिन यह सच नहीं…
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गजल (हिंदी) – नीलांजना गुप्ता
हे प्रभू तुम्हें आचमन मैं क्या करूँ, बस यही दृगधार ही मेरा प्यार है। जगत में निराकार है…
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मैंने उसी दिन सोच लिया था – पीयूष गोयल
utkarshexpress.com – एक छोटे से कस्बें में, कस्बें से दूर एक धार्मिक परिवार रहता था, परिवार में सिर्फ चार लोग…
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यह तो अब तुम जानो – गुरुदीन वर्मा
यह तो अब तुम जानो, तुमको क्या करना है। तुम्हारी क्या है इच्छा, तुमको कैसे रहना है।। यह तो अब…
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चिंतन-मनन कराती कविताओं का संग्रह है ‘हिमकिरीट’ – सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress,com – ‘हिमकिरीट’ हिंदी काव्य संग्रह के प्रकाशन की योजना और संग्रह के हाथों में आने तक की प्रत्येक गतिविधि का…
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ये गुलाबी सर्दी – अनिल भारद्वाज
तुम्हें गुलाबी सर्दी के दिन रोज बुलाते हैं। मेरे सूने गीत तुम्हें आवाज लगाते हैं। हीरे मोती जवाहरात से…
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ग़ज़ल – मणि अग्रवाल
जो करे ख़ुद की बड़ाई आदमी किस काम का है । सिर्फ़ करता है ढिठाई आदमी किस काम का है।।…
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भारत का रत्न (सरदार पटेल) – जसवीर सिंह हलधर
हे भारत भू के लोह पुरुष , स्वीकार करो मेरा वंदन । क्यों इतनी जल्दी चले गए ,जनगण के मन…
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