मनोरंजन
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इंपोर्टेंस चाहिए तो बीमार बने रहें (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – मुसद्दीलाल बीमार पड़े तो एक दम से उनकी इंपोर्टेंस बढ़ गई। हमेशा ताने मारने वाली , बेबात…
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हिंदी कविता – रेखा मित्तल
कर रही थी खोखला दिन प्रतिदिन भीतर से उसके प्रेम की बेड़ियाँ लड़की भ्रम में थी शायद मुझसे लगाव…
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अभी धरा पर – ज्योत्सना जोशी
अभी धरा पर नव अम्बु गिरे हैं उर की कोपल मनुहार करें तुम श्रृंगार ओढ़ मधुमास का नैनन में…
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श्री गुरु – सुनील गुप्ता
( 1 ) श्री गुरु मिलें जीवन दृष्टि खिले…, सुमन झरें !! ( 2 ) श्री गुरु चलें अपने साथ…
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गुरु पूर्णिमा पर रूड़की जीवन दीप आश्रम में आयोजित हुआ भव्य कवि सम्मेलन
utkarshexpress.com रुड़की- गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर नगर स्थित जीवन दीप आश्रम में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन अत्यंत…
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ॐ नमो भगवते वासुदेवाय – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
रोज रटें हरि नाम पूजें इन्हें भोर शाम, धर्म कर्म संग-संग सबके चला करें। पूजें यदि पद्मनाभ माता…
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वृक्ष लगाओ धरा बचाओ – मधु शुक्ला
पोषेंगें वृक्षों को हम, तभी धरा पायेगी सुख। हरियाली निखरेगी जब, लेकर तब आयेगी सुख। भीषण गर्मी को …
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
कान्हा से रात दिन खुशी को माँगते रहे, डूबे हैं साँवरे में सभी नाचते रहे। करवट बदल-बदल के कमी…
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क्या हुआ – दीपक राही
क्या हुआ है, कुछ भी तो नहीं हुआ। क्या चल रहा है, कुछ भी तो नहीं चल रहा…
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कविता (पुलिस सिपाही) – जसवीर सिंह हलधर
हमारी सुरक्षा करें जो सिपाही ,बनाने लगे लोग उनको निशाना । कभी हाथ टूटा कभी माथ फूटा ,न कर्तव्य…
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