मनोरंजन
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तन-मन दौड़ लगायें – अनिरुद्ध कुमार
सजन सपन बन जी बहलाये। विहस विहस नव गीत सुनाये।। रिमझिम-रिमझिम बादर गाये। झमझम-छमछम प्रीत जताये।।। पवन विहस…
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शाम की चाय – रश्मि पोखरियाल
शाम की चाय कुछ, तेरी मोहब्बत सी हो गई है| कभी मीठी तो कभी, फीकी सी हो गई है|…
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कोदंडधारी राम – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
राम नाम सुख धाम जपा करें आठों याम, गुंजन श्रीराम नाम मन में सदा रहे। लखन सिया साथ…
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रील की दुनिया में रियल ज़िंदगी का विघटन, दिखावे की दौड़ में थकती ज़िंदगी – प्रियंका सौरभ
utkarshexpress.com – आज का समाज एक ऐसे मोड़ पर आ खड़ा हुआ है जहाँ एक तरफ़ तकनीकी प्रगति ने जीवन को…
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मैं भी (कहानी) – किशन लाल शर्मा
utkarshexpress.com – लंदन की सर्द शाम कुछ अलग ही होती है।धुंए से घिरी गलियां ठंडी हवा और लोगो की भीड़ में…
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भोजपुरी गीत – श्याम कुंवर भारती
ज़हिया से तोहरा संगे लागल बा पीरीतिया हो। तहिया से उड़ल बा इ बैरी निंदिया हमार। अइसन काहे भइल…
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मेरे राम – सुनील गुप्ता
राम-राम जय श्रीराम, भजता चलूँ…., दिन रात, सुबह ओ शाम !!1!! राम-राम भरोसे राम, बढ़ता चलूँ….., मंज़िल पे…
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यह दुहा है मेरी – गुरुदीन वर्मा
यह दुहा है मेरी, तू सदा खुश रहे। दीप घर में खुशी का, यह जलता रहे।। यह दुहा है…
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खुशियों की बगिया महकेगी डॉ. फ़ौज़िया नसीम शाद
utkarshexpress.com – “खुश रहने की ख्वाहिश सबकी होती है, पर खुश रहना एक कला है – जो अपने भीतर से…
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मोबाइल की कैद – प्रियंका सौरभ
मोबाइल ने छीन ली, हँसी-खुशी की बात। घर के भीतर भी नहीं, दिल से कोई साथ।। पिता लगे संदेश में,…
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