ओजस के प्रांगण में मैथिली गीत की मधुर गूँज – sudhir shreevastav

utkarshexpress.com -आध्यात्मिक और साहित्यिक संस्था ओजस मागधी मंच के तत्वावधान में आभासी कार्यक्रम सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया.मंच के अध्यक्ष डॉ हेरम्ब कुमार मिश्र ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए बताया कि इसमें विभिन्न राज्यों से दस कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुति हुई.कार्यक्रम का शुभारंभ अम्बिकापुर से राजेश मिश्र की भजन प्रस्तुति ‘हे रघुवर तेरी भजन मैं गाऊँ’ से हुआ.गयाजी की वाणी वन्दना द्वारा प्रस्तुत मैथिली गीत ‘बाबा बैजनाथ हम आएल छी भिखरिया’ ने श्रोताओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया. छत्तीसगढ़ अम्बिकापुर के प्रमोद कुमार मिश्र ने ‘काहे गइल प्यार माई के भुलाई बबुआ’ लोकगीत से सबको भाव विभोर कर दिया तो वहीं आंती के वयोवृद्ध अभिभावक सदस्य श्याम सुंदर मिश्र ने ‘ए सुगना रुक जा दु चार दिनवां’ स्वरचित गीत से लोगों को खूब गुदगुदाया.गयाजी के कुंदन मिश्र की ग़ज़ल प्रस्तुति ने श्रोताओं को झुमाया तो जयपुर राजस्थान से जितेन्द्र पाण्डेय एवं औरंगाबाद के अजय कुमार पाठक ने अपने गीतों के माध्यम से राधाकृष्ण की मनोरम झाँकी प्रस्तुत की.एक ओर चौंरी के आशुतोष पाण्डेय का केवट प्रसंग तो दूसरी ओर मिसिरबीघा टिकारी के धर्मेन्द्र मिश्र का भव्य बांसुरी वादन आकर्षण का केंद्र रहा.
सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया. साथ ही मंच पर अनवरत सक्रियता को ध्यान में रखते हुए कई सदस्यों को “ओजस आदित्य सम्मान” से विभूषित किया गया. मंच के सचिव उदय भास्कर ने कहा कि ओजस द्वारा सम्मान की यह विशेष पहल है जिसमें भारतवर्ष के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ओजस के सदस्यों को सम्मानित किया गया जिनमें कौशल मिश्र मुंबई,यदुवंश नारायण पाठक औरंगाबाद, सुधा मिश्रा बोकारो, सुशील कुमार मिश्र पुणे महाराष्ट्र,सोमप्रकाश मिश्र अरवल, हरिनंदन मिश्र गयाजी, उमेश मिश्र टेकारी,डॉ सुदामा मिश्र अंबिकापुर, प्रभानंद मिश्र गयाजी,रविन्द्र पाठक हादे और आनंदमोहन मिश्र देल्ही आदि लगभग बीस सदस्य सम्मिलित हैं.
सुरेश विद्यार्थी से हुई भेंट वार्ता में मंच के मुख्य संरक्षक डॉ सुरेन्द्र प्रसाद मिश्र एवं अन्य अभिभावकों व सदस्यों ने कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी.




