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भोजपुरी पूर्वी लोक गीत – श्याम कुंवर भारती

सइयां के जुदाई सही के होत ना दिनवा गुजारी,
सगुन देखवले बाड़ी,
बहेला नयनवा अँसुवा के धारी।
सगुन देखवले बाडी।
नज़रवा में रहेला तू हरदम बसी के,
सपनवा में भरीला तोहे बहियां में कसी के।
रहिया जोहीला सइयां ठाड़ी दुआरी।
सगुन देखवले बाड़ी ।
मोहिनी मुरतिया तोहरो मनवा में सालेले ।
बैरी कोइलीया बगिया बोलिया हमके बोलेले।
रही रही कागा बोले अटरिया हमारी।
सगुन देखवले बाड़ी।
अबले ना अइबा पिया हमके ना पइबा।
गोरकी सजनीया के जिनीगिया ना पइबा ।
आके बुलावा भारती सुना प्राण प्यारी।
सगुन देखवले बाड़ी,
बहेला नयनवा अँसुवा के धारी।
– श्याम कुंवर भारती (राजभर)
बोकारो,झारखंड, मॉब.9955509286




