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कवि यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव को को मिला जनार्दन पाण्डेय ‘अनुरागी’ साहित्य सम्मान

utkarshexpress.com गोण्डा (उत्तर प्रदेश) : जिले के वरिष्ठ कवि साहित्यकार देहदानी यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव को जनार्दन पाण्डेय ‘अनुरागी’ साहित्य सम्मान से सम्मानित किया गया है।
पड़रौना (कुशीनगर) में निराला शब्द संवाद मंच पडरौना कुशीनगर और हिन्दी साहित्य भारती गोरक्ष प्रान्त गोरखपुर के संयुक्त तत्वावधान में उदित नारायण इण्टरमीडिएट कालेज के सभागार में 12 अप्रैल को आयोजित वार्षिक समारोह में जहां देश विदेश के साहित्यकारों पत्रकारों के साथ सुधीर श्रीवास्तव को उक्त सम्मान, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, मोमेंटो, डायरी, पेन, पैड देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विशेष रूप से आमंत्रित आचार्य कुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य धर्मेंद्र, दोनों संस्थाओं के अलावा विभिन्न साहित्यिक मंचों के संस्थापकों/पदाधिकारियों के अलावा देश/विदेश के सैंकड़ों कवियों, साहित्यिक मनीषियों, पत्रकारों के साथ सुधाकर तिवारी, ओम प्रकाश द्विवेदी ‘ओम’, रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के संस्थापक डा. शिव नाथ सिंह शिव, राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. इंद्रेश भदौरिया, ईश्वर चंद्र जायसवाल विद्या वाचस्पति, पार्वती देवी गौरा, सार्जेंट अभिमन्यु पाण्डेय, अभय श्रीवास्तव , वंदना सूर्यवंशी, दि ग्राम टूडे प्रकाशन समूह के संपादक डा. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय, सिद्धि नाथ शर्मा, अखंड गहमरी, प्रार्थना राय, क्षमा श्रीवास्तव, गीता पाण्डेय ‘अपराजिता’, इंद्रजीत तिवारी ‘निर्भीक, नंदलाल मणि त्रिपाठी ‘पीतांबर’ राम लखन वर्मा सहित सैकड़ों अन्याय मनीषी उपस्थित रहे।
ज्ञातव्य है कि श्रीवास्तव वर्तमान में पक्षाघात का दंश झेलते हुए भी साहित्यिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके बहुआयामी व्यक्तित्व, बेबाक, सर्वसुलभ, सर्वहितैषी व्यक्तित्व के धनी नवोदित रचनाकारों के लिए सारथी की भूमिका निभाने वाले सुधीर श्रीवास्तव  विभिन्न राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय पटलों /मंचों से सम्मान पत्र प्राप्त कर चुके श्रीवास्तव विभिन्न साहित्यिक पटलों में पदाधिकारी भी हैं। आपकी अब तक पाँच पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
‘विद्या वाचस्पति’ एवं विद्यासागर’ मानद सम्मान प्राप्त कर चुके और बुलंदी विश्व रिकॉर्ड कवि सम्मेलन में प्रतिभाग कर ‘काव्यश्री’, अखंड काव्यार्चन गोल्डेन बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड, ऐतिहासिक अमृत महोत्सव काव्य गोष्ठी के लिए ‘गौरव सम्मान’, ‘कोच काव्य कुँभ 2021’, जय विजय सम्मान 2021, संगम शिरोमणि आदि से सम्मानित सुधीर श्रीवास्तव नेत्रदान का संकल्प और देहदान की सार्वजनिक घोषणा कर चुके हैं। नवोदित रचनाकारों को यथासंभव प्रेरित कर सहयोग/मार्गदर्शन देते हुए आगे बढ़ाने का भी हर संभव प्रयास करते हुए प्रेरक , गाडफादर, सारथी की भूमिका लगातार निभा रहे हैं।
सुधीर श्रीवास्तव के सम्मानित किए जाने पर आचार्य धर्मेंद्र सहित अनेक साहित्यिक सामाजिक विभूतियों, शुभचिंतकों ने बधाइयाँ और शुभकामनाएं देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है।

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