मनोरंजन

किस्मत से मिला – राजेश कुमार झा

वो लड़ती भी है वो झगड़ती भी है,

वो डरती भी है और  डराती भी है।

वो अकड़ती भी है वो सताती भी हैं,

यही तो सब अपनेपन की निशानी है।

जो किसी अजनबी को अपना बनाती भी है,

वो हंसती भी वो हंसाती भी है।

वो रोती भी हैं और रुलाती भी है ,

वो ईश्वर का नायब अनमोल कोहिनूर नगीना है,

जो मुझे बड़ी किस्मत से मिला है।

वो समझती भी है और मुझे समझाती भी है,

वो तकरार भी करती और इठलाती भी है।

– राजेश कुमार झा, बीना, मध्य प्रदेश,ph- 9329396076

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