उत्तराखण्ड

मुख्य सचिव ने किया लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना का स्थलीय निरीक्षण

मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने गुरुवार को लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना निर्माण कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्य सचिव ने परियोजना निर्माण के विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने परियोजना के अंतर्गत विभिन्न स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों को बारीकी से जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि लखवाड़ बहुउद्देशीय परियोजना एक राष्ट्रीय स्तर की महत्त्वपूर्ण परियोजना है। बहुत से राज्यों को इससे लाभ पहुंचेगा। उन्होंने एमडी यूजेवीएनएल को इस महत्त्वपूर्ण योजना को वर्ष 2031 तक निर्माण कार्य पूर्ण किए जाने का लक्ष्य दिया। कहा कि कार्य समय पर पूर्ण किए जाने हेतु सभी संस्थाएं अगले 2, 3 दिन में प्लान कर अवगत कराएं। उन्होंने इसके लिए आवश्यक मशीन और मैनपावर बढ़ाए जाने पर जोर दिया। ज्ञात हो कि जल विद्युत निगम द्वारा परियोजना पूर्ण होने का लक्ष्य दिसंबर 2034 निर्धारित किया गया था।

मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माण कार्य समय पर पूरा करने को पर्ट चार्ट तैयार कर उसका शतप्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना को पूर्ण किए जाने के लिए गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने परियोजना से सम्बन्धित विशेषज्ञों द्वारा सभी अनिवार्य तकनीकी परीक्षण अनिवार्य रूप से कर लिये जाएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि यह सभी संस्थानों की जिम्मेदारी है कि परियोजना का कार्य समय से पर हो। उन्होंने कार्यदायी संस्था एलएंडटी और उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम के अधिकारियों को मौके पर रह कर अपने स्तर से दैनिक, पाक्षिक और मासिक रूप से समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्रीय जल आयोग द्वारा अपेक्षित सभी तकनीकी परीक्षण को शीघ्र से शीघ्र पूर्ण करा कर उपलब्ध कराया जाए।

मुख्य सचिव ने अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा वितरण कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए, प्रभावित लोगों से लगातार संवाद कर मामलों का निस्तारण किया जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुन्दरम, एमडी उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम श्री ए. के. सिंह, महाप्रबंधक एलएंडटी श्री प्रभु कुमार एवं प्रोजेक्ट मैनेजर श्री विष्णु मोहन श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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