मनोरंजन
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भर मुझे भुजबंध सत्वर – अनुराधा पाण्डेय
क्यों भला आबद्ध हों प्रिय !शब्द बोझिल लेखनी में? आ मुझे हृद से लगा ले, है सहज यदि नेह कविवर…
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आसियाना हमारा – अनिरुद्ध कुमार
खुदी का जहाँ को इशारा यही है, रहो प्यार से मिल किनारा यही है। जमीं आसमां के तलें हो…
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बाल मनोभावों का संग्रह ‘बाल वाटिका’ – सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – वरिष्ठ कवयित्री/सेवानिवृत्त शिक्षिका डा. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ का ‘पूर्णिमांजलि’ और ‘पूर्णिमा भाव वीथिका’ के बाद बाल वाटिका पाठ…
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गीत – जसवीर सिंह हलधर
मज़हबी उन्माद में कुछ भी नहीं है । मुल्क की खातिर सुधर जाओ अभागो ।। आचरण इतना अपावन मत…
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चाय की चुस्कियाँ – नीलांजना गुप्ता
याद आती बहुत चाय की चुस्कियाँ। हैं रूलाती बहुत चाय की चुस्कियाँ।। यादों के झीने पर्दे से जब झाँकती।…
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पूर्णिकांश – श्याम कुंवर भारती
(आपका करम) – तीर आपकी नजरों का दिल पर गुजर जायेगा। जलवा-ए-हुस्न आपका हर तरफ नजर आएगा। हवाओ में महक…
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राधिका जैसी वफा – ऋतु राधिका
नजरे तो मिल जाए दिल मिलते नहीं है, दिल को मिलाने की दवा कहां से लाओगे। भोलापन सादगी हो प्रेम…
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नन्हा खरगोश – डॉ. सत्यवान सौरभ
नन्हा खरगोश आया खेल में, लाल-लाल कान और प्यारा चेहरा। घास पर कूदे, मस्ती करे, दोस्तों संग खुशियाँ बांटे। …
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प्रणय का पल- सविता सिंह
प्रणय का पल प्रिये अनुपम, चमकती चाँदनी चम चम। कहो कैसे चले आए, निशा में कामिनी छम छम। कभी…
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वो मगर नहीं समझ सके हमको – गुरुदीन वर्मा
वो मगर नहीं समझ सके हमको, प्यार हमने किया बहुत जिनको। उम्मीद उनसे बहुत थी हमको, हमने माना था अपना…
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