मनोरंजन
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
मिले प्यार हमको चलो हमनवां दे। रहे साथ मिलकर चलो अब वफा दे। नही आज कीमत असासा की घर…
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सामाजिक व्यवहारिक चिंतन का काव्य संग्रह है ‘श्वेता’ – सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – वरिष्ठ कवि/शिक्षक/पत्रकार डा. ओम प्रकाश द्विवेदी ‘ओम’ जी का प्रस्तुत काव्य संग्रह श्वेता कवि के जीवन में घटित घटनाओं…
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बूढ़ा हुआ संसार? – प्रियंका सौरभ
**रजत के धागों से बुनी समय की श्वेत चादर, प्रशांत नभ की मौन गाथा, अतीत की बिखरी मुस्कान। सांसों…
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प्रचंड जीत – सुनील गुप्ता
प्रचंड जीत फिर आए नितीश, जन की जीत !!1!! मोदी का नारा विकास ही सहारा, झूठ नकारा !!2!! महिला युवा…
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ग़ज़ल – मणि अग्रवाल
लाचारी से पहले ख़ूब निहारेगा, तब ही कोई अरमानों को मारेगा। माँ-बाबा का हाथ न हो जिसके सर पर, कौन…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
देखता हरदम रहा तू आ छतों पर आज फिर। दिल जो जोड़ा,बात कर ले,तू खतो से आज फिर। छा…
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क़िस्मत खोटी हलधर की – जसवीर सिंह हलधर
मंडी के नंबरदारों ने छीनी रोटी हलधर की ! सरकारी ठेकेदारों ने काटी चोटी हलधर की ! आजादी मांगी…
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गीतिका – मधु शुक्ला
संगम शब्दों का जब होता, भावों का मेला लगता है, लेखन की दुनियाँ को सुंदर, कविता का मोती मिलता है।…
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स्लोगन – सुधीर श्रीवास्तवम
शिक्षा का ना कोई मोल।जीवन बन जाये अनमोल।। बाँटो सदा ज्ञान का प्रकाश।मिलेगा मन को संतोषाकाश।। बाँटो जितना बढ़ेगा उतना…
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इंसान बनके जीना सीखें – सुनील गुप्ता
इंसान बनके जीना सीखें, और सीखें मदद करना ! अपने लिए कुछ न मांगें…, सबकुछ औरों पे लुटाते चलना !!1!!…
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