मनोरंजन
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प्रेम -रश्मि मृदुलिका’
मैंने प्रेम में सांझ हो जाना चाहा, जैसे राधे सी हो जाना चाहा, प्रात: की रोशनी में जग की सोचूँ,…
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पेंशन नहीं, पराक्रम दो – प्रियंका सौरभ
नेताओं की मेवा बहुत हो गई, अब सेवा की बारी है, जो वादा करते सीमा पर जान देने का,…
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तेरा साया है हम – श्याम कुंवर भारती
तुम याद करो न करो मुझे गुजरे लम्हे याद आ ही जाते है। भूल जाऊं मैं तुमको कैसे सोए…
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नन्हा रंग – डॉ. सत्यवान सौरभ
नन्हा रंग है बहुत प्यारा, सबको खुश करता सारा। लाल, पीला, नीला, हरा, रंगों का खेल बड़ा मज़ा। …
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प्रिय – रुचि मित्तल
मैंने भी तेरे शब्दों की उस भीगती छाँव में अपने मन के भीग जाने की कई ऋतुएँ देखी हैं।…
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गीत – मधु शुक्ला
वर्तमान में अभिनय सब कुछ, सबको प्यारा लगता है। भावों का संसार कैद में, हमको रखना पड़ता है। …
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विजय पर्व (दशहरा) – जसवीर सिंह हलधर
संसाधन शब्द स्वरूपा के । आराधन शक्ति स्वरूपा के ।। अब भेद विभीषण खोल दिया । हरि के कानों में…
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हिय मे मेरे बस तू – सविता सिंह
एषणा ये मेरी जरा सुन तो सखे परिरम्भण में तेरे तू मुझे रखे, प्रेम का मृदु संवाद हो जाएगा आ…
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प्रणयन कविता –अनुराधा
अश्रु में भीगे हुए कुछ छंद उर में मृदु पड़े हैं स्वर्ग सुख से,कम नही वे, मूर्त से सपनें…
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धैर्य की जीत – सुनील गुप्ता
( 1 ) धैर्य की जीत आनंद बरसाए, आस जगाए !! ( 2 ) प्रभु से प्रीत जीवन…
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