मनोरंजन
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नींद और जागृति – प्रियंका सौरभ
नींद तो हर रोज़ खुलती है, पर क्या खुलती हैं आँखें सच में? मन के अंधेरों में कहीं छुपी,…
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गीतिका – मधु शुक्ला
कपट द्वेष उर में बसाना नहीं था , अगर मीत को अरि बनाना नहीं था। रही लालसा प्रेम…
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एक उम्मीद – सुनील गुप्ता
( 1 ) एक उम्मीद बढ़े चलाए हमें, खिलाए जीवन के सपने ! तरन्नुम में चलें हँसते गाते…, और…
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शिव अंतर्यामी – श्याम कुंवर भारती
देवों के देव महादेव कैलाशी तुम अविनाशी। सुर सरी गंगा बसे शिव संग गौरा नगरकाशी। औघड़दानी महादानी सर्वज्ञानी…
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तुम फूल मेरे चमन के हो – गुरुदीन वर्मा
तुम फूल मेरे चमन के हो, वफ़ा रहूँगा तुमसे सदा। कोशिश हमेशा करूँगा मैं, महकाये रखूँ तुमको सदा।। महकाये…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
करो प्यार इतना उदासी दबा ले, यही आरजू है कि अपना बना ले। हुआ प्यार तुमसे जताना तुम्हे…
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अतिपावन सावन – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
पावन सावन माह में, करिये शिव का ध्यान। हिय में रखकर शंभु को, करिये नित गुणगान।। श्रावण मास…
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रक्षा बंधन – डॉ. प्रियंका सौरभ
राखी का ये प्यारा त्यौहार, भाई-बहन के रिश्ते का उपहार। नन्ही कलाई पर बंधी एक डोर, भावनाओं से भरी,…
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गीत- जसवीर सिंह हलधर
छंद बद्ध कविता लिखता हूँ मुक्त छंद से जंग नहीं है । कविता जीवन की रस धारा कोई युद्ध प्रसंग…
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क्या होगा – अनिरुद्ध कुमार
जब रूठ जाये जिंदगी तो क्या होगा, अंजान सा हो आदमी तो क्या होगा। सब चाहतें अपनी खुशी…
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