मनोरंजन
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माँ ब्रह्मचारिणी – सुनील गुप्ता
जय जय माँ देवी ब्रह्मचारिणी, माँ तपस्विनी !!1!! द्वितीय रूप सुंदर मनोहारी, माता कल्याणी !!2!! तप संयम…
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पुरुष की जीत – रेखा मित्तल
पुरुष जीता तो श्रेय उसके पौरुष को इतराया वह देख अपना नाम शिखर पर पर जब तुम हारे तो…
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भोजपुरी पचारा गीत (मईया के पूजनवा – श्याम कुंवर भारती
घर घर बाजेला जोर हो बजनावा। मईया अईहे अब भोर हो भवनवा। नवरातर के नौ दिनवा में। भउवा जगाईब…
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मैं चला पंथ में निज अकेला – निहारिका झा
मैं चला पंथ में निज अकेला ही था, मन में न क्षोभ था द्वेष भी न धरा। सोचता ही…
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राष्ट्रीय चेतना को प्रज्वलित करने वाले हिंदी साहित्य के सूर्य: रामधारी सिंह दिनकर – संदीप सृजन
utkarshexpress.com – ढीली करो धनुष की डोरी, तरकस का कस खोलो ,किसने कहा, युद्ध की बेला चली गयी, शांति से बोलो?…
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कुछ तो कहो – सविता सिंह मीरा
मैं शब्द चुनूँ, तुम मौन रहो भली लगे न रीत, कुछ तो कह दो, कुछ तो गह लो, हाय!…
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शफर ई इकलोता – अनिरुद्ध कुमार
दरक जाला गाछी, उजड़ जाला खोता। गजब खेला जगके, समइया के गोता।। बिखर जाला सपना, बहक जाला तोता।…
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जब मेरा हाथ थामा था – रुचि मित्तल
जब तुमने धीरे से मेरा हाथ थामा था हवा तक थम गई थी और साँस जैसे सीने में कहीं…
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गीत- मधु शुक्ला
रीति सनातन सारे जग को भाती है। पितृपक्ष के गुण सब दुनियांँ गाती है।। बाढ़ आजकल आजादी की,आई…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
सज़न तुम पास मेरे आज आओ, ऩज़र से प्यार अपना तो ज़ताओ। मैं लिखती,खूब लिखती ग़ज़ल भी, ग़ज़ल अपनी भी…
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