मनोरंजन
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सोचा न था – अनुराधा पाण्डेय
भूलकर सोचा न था प्रिय ! पट मिलन के बंद होंगे। लूट लेगा राग रस को, वायरस लघु…
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बदलो सोच अपनी तुम भी – गुरुदीन वर्मा
शेर- तुम देखो जरा इस दुनिया को/अपनी हालत और कुटिया को// कुछ बदलो जरा अब तुम भी/अपनी भाषा और…
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भोजपुरी निर्गुण (गुरु भजन) – श्याम कुंवर भारती
गुरु बिना ज्ञान कहवा से पाई। गुरु के चरण सिर माथ नवाई। जरे ना कबों सुना तेल बिना…
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‘यमराज मेरा यार’ हास्य व्यंंग्य काव्य संग्रह – डॉ अमित कुमार
utkrshexpress.com – सार्वजनिक मंचो से देहदान की घोषणा कर चुके सुप्रसिद्ध कवि, दोहाकार छंद रचेता, पत्रकारिता के शौकीन कथा और…
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कविता (हरेला पर्व) – जसवीर सिंह हलधर
हरेला हम सबका त्योहार । करें हम धरती का शृंगार ।। प्रश्न मानव से करता यक्ष । लगाए कितने अब…
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विजय पथ – नीलकान्त सिंह नील
मैं तनय अपने स्वप्न बेचे तो स्वप्न तात हेतु क्रय किया मैं वो हू जिसने पाप किए तो निज…
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इंपोर्टेंस चाहिए तो बीमार बने रहें (व्यंग्य) – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – मुसद्दीलाल बीमार पड़े तो एक दम से उनकी इंपोर्टेंस बढ़ गई। हमेशा ताने मारने वाली , बेबात…
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हिंदी कविता – रेखा मित्तल
कर रही थी खोखला दिन प्रतिदिन भीतर से उसके प्रेम की बेड़ियाँ लड़की भ्रम में थी शायद मुझसे लगाव…
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अभी धरा पर – ज्योत्सना जोशी
अभी धरा पर नव अम्बु गिरे हैं उर की कोपल मनुहार करें तुम श्रृंगार ओढ़ मधुमास का नैनन में…
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श्री गुरु – सुनील गुप्ता
( 1 ) श्री गुरु मिलें जीवन दृष्टि खिले…, सुमन झरें !! ( 2 ) श्री गुरु चलें अपने साथ…
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