मनोरंजन
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डॉ पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ की कृति “बाल वाटिका” संदेश देती – विश्वनाथ पाण्डेय
utkarshexpress.com – बाल साहित्य किसी भी समाज की सांस्कृतिक धरोहर और भविष्य निर्माण का आधार होता है। बालकों के…
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स्वप्न – किरण दास
अश्रु सजे नेत्र पर, टूटे गीत अधर पर। मिट गया नाम वहीं, जो लिखा था नेत्र पर।। और मैं वहीं…
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प्रेरणा हिंदी सम्मेलन में ‘संगम शब्दों का’ पुस्तक होगी लोकार्पित
utkarshexpress.com जबलपुर – प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा का राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन 13 सितंबर 2025 को 18 पूसा रोड करोलबाग नई दिल्ली…
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चिड़िया का गीत – डॉ. सत्यवान सौरभ
चिड़िया आई डाली पर, गाए मीठा गीत। सूरज की पहली किरण में, झिलमिलाए प्रीत। नन्हे-नन्हे पंख फैलाए, आसमान…
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तीजा के तिहार – अशोक यादव
आवत होहीं गियाँ ओ, मोर भाई, ददा मन लेवाए ल। पोरा अउ तीजा के तिहार म, मइके जाहूँ मनाए ल।।…
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याद में तेरे – सविता सिंह
तुम्हारी याद में हमने जलाया दीप जो पल-पल, उसी की बुझी तीली से बनाया यादों का महल। कितनी बार…
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बस यूँ ही – ज्योत्सना जोशी
utkarshexpress.com – अपने मन की सारी की सारी छटपटाहट तो अपने सबसे प्रिय से भी सांझा नहीं करनी चाहिए…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
वो जीते है गरीबी मे,उन्हे सब दुख थकाते हैं, बचा पाते नही कुछ भी,वो जितना भी कमाते हैं। …
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सबके मन में लाखों पेंच – अनिरुद्ध कुमार
झूठ कहीं त सब कोई पूजें, साँच कहीं त लागे ठेस। झूठ साँच में समय गुजारी, पग-पग देखीं बदलल…
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क्यों बनाये जाते रिश्तें ? – गुरुदीन वर्मा
क्यों बनाये जाते हैं ये रिश्तें, जबकि सच तो यह है, कि कोई भी नहीं मरता है, मरने वाले…
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