मनोरंजन
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स्वर्णिम दिवस – डॉ निधि
मम्मी – पापा आप दोनों का साथ बना रहे । आपका आशिष हमें सदा प्राप्त होता रहे ।। शिव गौरी…
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जय श्री राम – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
राम नाम करे काम जपें इसे अविराम, राममय जीवन हो उनको पुकारिये। चरित श्री राम का मर्यादा के…
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भोजपुरी (बिगड़ल बयार) – श्याम कुंवर भारती
बिगड़ल बयार सभ लाचार दूभर सांस लिहल हमार। जेने देखा आदमी बीमार सभ के बा चढ़ल बुखार। ग़ाछ…
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ग़ज़ल (हिंदी) – जसवीर सिंह हलधर
पराये और अपने एक दिन सारे भुला देंगे । उठा कर चार कंधों पे चिता अपनी जला देंगे ।…
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मैं हूँ पुरुष – सुनील गुप्ता
( 1 ) मैं हूँ पुरुष एक अदना सा, हैं मेरी भी कुछ ख्वाहिशें !! ( 2 )…
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आराधिका साहित्यिक मंच पर ‘जन्मदिवस’ विषयक काव्य गोष्ठी संपन्न
utkarshexpress.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) पर मंच महासचिव सुधीर श्रीवास्तव (यमराज मित्र) 01जुलाई, वरिष्ठ कवि प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव ‘प्रणय’ (…
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सदैव असंतुष्ट … विपक्ष – विवेक रंजन श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – मानव जाति की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक “असंतोष” ही है। यदि आदमी संतुष्ट होता, तो आज भी जानवरों…
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नन्हे कदम, बड़े सपने – डॉ. सत्यवान सौरभ
नन्हे-नन्हे कदम बढ़ें, सपनों की ओर, हर दिन नया सूरज, हर रात नये चोर। बारिश की बूँदों में कागज़…
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हम क्यों लगाये यहाँ – गुरुदीन वर्मा
हम क्यों लगाये यहाँ, दिल यूँ किसी से। ऐतबार हमको नहीं, यहाँ किसी दिल पे।। छोड़कर हाथ कल को,…
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प्रभु का कृपा ये ज़िन्दगी – कालिका प्रसाद
ज़िन्दगी के बारे में क्या बताऊं, चार दिन की है ये प्यारी ज़िन्दगी। कभी फूलों की सी सुगंध…
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