मनोरंजन
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वंदे भारतम.. वंदे भारतम.. – इंजी. अरुण कुमार जैन
खुली हवा में सांस ले रहे, उनका हम पर उपकार है, मातृभूमि पर बलिदान हुये जो, वे ही प्रभु अवतार…
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फिक्र हाँ वतन की – गुरुदीन वर्मा
फिक्र हाँ वतन की, नहीं है किसी को। मोहब्बत वतन से, नहीं है किसी को।। फिक्र हाँ वतन की——————–।।…
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खुशियों की झड़ी – डॉ. सत्यवान सौरभ
बचपन की प्यारी मस्ती, हँसी में छुपी खुशबू। दोस्तों संग खेलते हैं, हर दिन हो नया धूम। बारिश…
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आराधिका साहित्यिक मंच पर ‘जश्न- ए-आजादी’ काव्य गोष्ठी संपन्न
utkarshexpress.com – आराधिका साहित्यिक मंच (पंजी.) के तत्वावधान में 46 वीं भव्य आभासी काव्य गोष्ठी का आयोजन ‘के रूप किया…
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नींद और जागृति – प्रियंका सौरभ
नींद तो हर रोज़ खुलती है, पर क्या खुलती हैं आँखें सच में? मन के अंधेरों में कहीं छुपी,…
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गीतिका – मधु शुक्ला
कपट द्वेष उर में बसाना नहीं था , अगर मीत को अरि बनाना नहीं था। रही लालसा प्रेम…
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एक उम्मीद – सुनील गुप्ता
( 1 ) एक उम्मीद बढ़े चलाए हमें, खिलाए जीवन के सपने ! तरन्नुम में चलें हँसते गाते…, और…
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शिव अंतर्यामी – श्याम कुंवर भारती
देवों के देव महादेव कैलाशी तुम अविनाशी। सुर सरी गंगा बसे शिव संग गौरा नगरकाशी। औघड़दानी महादानी सर्वज्ञानी…
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तुम फूल मेरे चमन के हो – गुरुदीन वर्मा
तुम फूल मेरे चमन के हो, वफ़ा रहूँगा तुमसे सदा। कोशिश हमेशा करूँगा मैं, महकाये रखूँ तुमको सदा।। महकाये…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
करो प्यार इतना उदासी दबा ले, यही आरजू है कि अपना बना ले। हुआ प्यार तुमसे जताना तुम्हे…
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