मनोरंजन
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योग-संगीत कवि सम्मेलन – पृथ्वी सिंह बैनीवाल
योग-संगीत ही वैदिक संस्कृति। कदै न आवै कोई उसमें विकृति।। ऑनलाइन कवि सम्मेलन होगा। अध्याय इसका झारखंड होगा।। ऑनलाइन सम्मेलन…
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एहसास – ज्योति श्रीवास्तव
किस तरह से कहें दिल के जज़्बात को, जो बिताई वो घड़ियां पहर रात को। बोझ सी ये लगी श्वास…
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मैंने उसी दिन सोच लिया था – पीयूष गोयल
utkarshexpress.com – एक छोटे से कस्बें में, कस्बें से दूर एक धार्मिक परिवार रहता था, परिवार में सिर्फ चार…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
यार करना छोड़ दो तकरार तुम, प्यार बाँटो जग मे बन झंकार तुम। यार जैसी हूँ मुझे स्वीकार…
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वो एक बात – ज्योत्सना जोशी
कहीं एक किनारे से शिरा पकड़ने की कोशिश करती हूं , वो दूसरे छोर से छूट जाता है, एक…
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गीतिका – मधु शुक्ला
श्वेत श्याम स्मृतियों के कण दृग, में जब-जब पड़ जाते हैं, होंठों पर मुस्कान साथ जल, आँखों में ले …
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ॐ गणपतये नम – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
श्री गणेश शक्तिदाता आप बुद्धि के प्रदाता, माता जिनकी गौरी जी हॄदय में बसा करें। सूपकर्ण हैं विशाल…
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कब लिख पाये – रश्मि मृदुलिका
कब लिख पाये कलम मेरे जज्बात, चल कर रूक गए शब्दों के अहसास। अनकही बाते मन में उलझी रही…
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देश भक्ति – श्याम कुंवर भारती
न शोहरत न दौलत मुझे अपना वतन चाहिए। फलता फूलता हुआ और खिलता चमन चाहिए। ना हो दुश्मन…
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बूँदे – सविता सिंह
यह बारिश की बूँदे फूलों की पंखुड़ियों पर औऱ पत्तों पर। कितनी खूबसूरती से, पत्तों ने उन बूँदों को…
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