मनोरंजन
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माँ – सुनील गुप्ता
माँ है तो, है ये दिन…, और जिंदगी की खुशियाँ अपार !!1!! माँ है तो, चले महकता जीवन…,…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
खिला खिला है च़मन आज मुस्कुराएंगे, करार हमको मिले जिंदगी बिताएंगे। ज़मीर बेच दिया जिंदगी रहेगी क्या? ज़मीर बेच…
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पूर्णिका (भारत का लोहा) – श्याम कुंवर भारती
चाहे आतंकी हो या पाक पाखंडी सबका ठिकाना दिखाया गया। देश दुशमनो को घर बैठे ही दूर से सटीक…
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समय की पुकार – जया भराड़े बड़ोदकर
Utkarshexpress.com – दुनिया वाट्सअप फेसबुक ट्वीटर इंस्टाग्राम में खो गई हैं। कहीं भी कोई…
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ॐ नमः शिवाय – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
शंभु त्रिपुरारी करें नंदी की सवारी नित, अंग पे भभूति मलें कर त्रिशूल धारते। तन पे न है…
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नव भोर सुहाना – अनिरुद्ध कुमार
बहुत कठिन है जीवन जीना, घुट घुट कर आँसू को पीना। जीवन पथ लगता पथरीला, जिधर निहारें मरना जीना।…
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विश्व दूरसंचार दिवस पर विराट कवि सम्मेलन
utkarshexpress.com – रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच राजस्थान प्रदेश इकाई ने विश्व दूरसंचार दिवस और ब्रह्मकुमारी गरिमा सिंह के…
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यू ट्यूब चैनल्स पर विश्वसनीयता का संकट – डॉ. सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – अति सर्वत्र वर्जयेत। यदि नागरिक अपने नागरिक अधिकारों के चलते अपने नागरिक होने का दायित्व भूल जाए तथा राष्ट्रविरोधी…
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ग़ज़ल – विनोद निराश
वो किसी की आँख का नूर हो गया, कल था पास मेरे आज दूर हो गया। नसीब तो इतना बुरा…
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मौसम विदाई का – डॉ सत्यवान सौरभ
तुम गए तो आंखों में शोर था, जैसे बारिश में छुपा कोई निचला ज़ोर था, मिट्टी की ख़ुशबू से…
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