मनोरंजन
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ॐ गणपतये नम – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
श्री गणेश शक्तिदाता आप बुद्धि के प्रदाता, माता जिनकी गौरी जी हॄदय में बसा करें। सूपकर्ण हैं विशाल…
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कब लिख पाये – रश्मि मृदुलिका
कब लिख पाये कलम मेरे जज्बात, चल कर रूक गए शब्दों के अहसास। अनकही बाते मन में उलझी रही…
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देश भक्ति – श्याम कुंवर भारती
न शोहरत न दौलत मुझे अपना वतन चाहिए। फलता फूलता हुआ और खिलता चमन चाहिए। ना हो दुश्मन…
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बूँदे – सविता सिंह
यह बारिश की बूँदे फूलों की पंखुड़ियों पर औऱ पत्तों पर। कितनी खूबसूरती से, पत्तों ने उन बूँदों को…
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गीत – जसवीर सिंह हलधर
आरोग्यम जीवन की पहचान बना लो । तन मन को रोग मुक्त अभियान बना लो ।। है योग…
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मधुमास घन – अनुराधा पाण्डेय
जगाते श्याम जलवाही, हृदय मधुमास घन सजना! दिलाकर याद सावन की, जगाए प्यास घन सजना! हृदय के शुष्क कोरों…
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हमें रोजगार चाहिए- अशोक यादव
किताबी कीड़ा और रट्टू तोता बनकर की पढ़ाई। दिन, महीने, साल बीते लेकिन नौकरी नहीं आई।। जाग उठा…
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दोहा (योग दिवस) – सुधीर श्रीवास्तव
योग दिवस पर क्यों भला, मचा रहे सब शोर। इससे पहले कब भला, खुली आँख थी भोर।। सपना…
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मानसून – सुनील गुप्ता
( 1 ) आ गया है अब माह जून, सक्रिय हो रहा है मानसून ! खूब नाच गा ले,…
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ताबूत की कीलें- प्रियंका सौरभ
शब्दों की पाठशालाएँ अब सन्नाटे में हैं, ज्ञान के दीप बुझते हैं, फीस की लौ जलती है। चिकित्सालय…
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