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कलम मेरी पहचान वैश्विक साहित्यिक परिवार ने मनाई काव्य गोष्ठी

utkarshexpress.com बिहार/समस्तीपुर (संवाददाता – प्रकाश कुमार राय) –  कलम मेरी पहचान वैश्विक साहित्यिक परिवार (पंजीकृत) के पावन पटल पर दिनांक- 06 सितम्बर, 2026 (रविवार) को संध्या बेला में 6:00 – 9:00 अपराह्न तक अखिल भारतीय ऑनलाइन कवि सम्मेलन गूगल मीट के द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाई गई। मंच की अध्यक्षता कार्यक्रम आयोजक सह संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश राय ने की। मंच संचालन का कार्य भार बैंगलुरू, कर्नाटक से योग शिक्षिका डॉ.अर्चना श्रेया आर्यावत के द्वारा सुमधुर स्वर में किया गया। सह मंच संचालिका के रूप में देवघर, झारखण्ड से युवा कवयित्री श्री ठाकुर ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ ज़िम्बाब्वे के मानद कुलपति सह प्रमुख धरा धाम इंटरनेशनल, गोरखपुर उत्तर प्रदेश से सौहार्द शिरोमणि डॉ. संत सौरभ पाण्डेय (डी.लिट.) ने दीप प्रज्वलन करके किया। उसके बाद डॉ. अर्चना श्रेया आर्यावत के मधुर कंठ से सरस्वती वंदना गायन किया गया। डॉ. संत सौरभ पाण्डेय ने अपनी साहित्यिक व्याख्यान बीस मिनट तक निरंतर दिया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्य का अभिप्राय है कि जिसमें सबका हित हो तथा समाज व राष्ट्र का कल्याण हो। एक अच्छे साहित्यकार ही समाज व राष्ट्र का कल्याण कर सकता है। नवोदित साहित्यकारों को अपनी लेखनी निरंतर चलाते रहना चाहिए। जबकि, विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑस्ट्रेलिया से अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेज़ी लेखक व दार्शनिक डॉ. शिशिरेन्दु झा रहे। उन्होंने अंग्रेज़ी भाषा में सनातन धर्म के पवित्र धार्मिक ग्रंथ ‘ गीता ‘ को सृजन कर वैश्विक स्तर पर फैलाने का सराहनीय कार्य किया। साथ ही दर्शन विषयों पर अनगिनत पुस्तकें लिखी। अन्य विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ कवि अशोक गोयल रहे। कार्यक्रम में भारत के कोने-कोने से उपस्थित प्रतिभागी साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से सबको आनंदित किया। कार्यक्रम में एक से बढ़कर सुंदर व उत्कृष्ट भक्ति, शृंगार-रस, वीर-रस, हास्य-व्यंग्य कविताएं, सामाजिक रचनाएं, गीत, ग़ज़ल, शेर, शायरी, मुक्तक कवि, शायर व ग़जलकारों ने सुनाई जिसे श्रवण कर लोग भाव विभोर हो गए। कार्यक्रम शाम 6 बजे से रात्रि के 9 बजे लगातार 3 घंटे चले।
कार्यक्रम में प्रतिभागी साहित्यकारों गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से रजनी सिंह, बड़वानी, मध्यप्रदेश से शोभा सोनी, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश से युवा वीर-रस कवि विनय गुप्ता, मध्यप्रदेश से डाॅ. कृष्णा जोशी, छत्तीसगढ़ से वरिष्ठ कवयित्री डॉ. ममता तिवारी मृदुला, बेगूसराय, बिहार से बबिता ठाकुर, महाराष्ट्र से ग़ज़लकार मोहम्मद रहीस (सनम), महुआ, वैशाली, बिहार से अंतर्राष्ट्रीय कवि व ग़ज़लकार डॉ. प्रीतम कुमार झा, वैशाली, बिहार से मशहूर हास्य कवि गौरव कुमार झा, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश से अरूण कुमार अग्रवाल, कानपुर, उत्तर प्रदेश से प्रो. ममता कनौजिया, समस्तीपुर, बिहार से शृंगार- रस के मशहूर कवि प्रकाश राय, बैंगलुरू, कर्नाटक से डाॅ. अर्चना श्रेया आर्यावर्त ने काव्यपाठ किया।
अंत में कार्यक्रम आयोजक ने अपने संबोधन में कहा कि कलम मेरी पहचान वैश्विक साहित्यिक परिवार (पंजीकृत) सन् 2021 से लगातार हिन्दी साहित्य का प्रचार-प्रसार वैश्विक स्तर पर नि:शुल्क करता आ रहा है। यह पावन मंच वैश्विक स्तर पर अपनी साहित्यिक पहचान बना चुकी है। इस मंच पर भारत सहित विदेश के भी साहित्यकार जुड़े हुए हैं। इस साहित्यिक मंच पर वरिष्ठ व उम्रदराज साहित्यकारों को बहुत ही आदर-सत्कार किया जाता है तथा नवोदित रचनाकारों को सीखने का अवसर प्रदान किया जाता है। उन्हें लेखनी चलाने हेतु अधिक से अधिक प्यार से प्रोत्साहित किया जाता है। यह कार्यक्रम भविष्य में हमेशा होता रहेगा। उक्त वक्तव्य के बाद कार्यक्रम को समापन किया गया।

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