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गोरखपुर आचार्यकुल विचार गोष्ठी/संगीति एवं काव्य कुँभ में कवियों/कवयित्रियों को किया गया सम्मानित

utkarshexpress.com गोरखपुर:: विश्वकर्मा मंदिर मानसरोवर गोरखनाथ में आचार्यकुल और काव्य कुम्भ महासंगम, 2026 दो दिवसीय आयोजन में रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच भारत एवं आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय रायबरेली, उप्र (भारत) द्वारा अंतिम दिन 11अप्रैल ‘2026 को समापन सत्र के दौरान सम्मानित कवियो/कवयित्रियों आचार्य कुल के प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर दि ग्राम टुडे प्रकाशन के समूह संपादक/वरिष्ठ कवि डा.शिवश्वर दत्त पाण्डेय (देहरादून) को विद्या सागर मानद उपाधि, वरिष्ठ कवि चन्द्रगुप्त प्रसाद वर्मा ‘अकिंचन’ एवं विजय प्रताप शाही (गोरखपुर) विद्या वाचस्पति मानद उपाधि, नन्दलाल मणि त्रिपाठी (गोरखपुर) एवं वरिष्ठ कवि सौदागर सिंह (देवरिया) को आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी साहित्य गौरव रत्न सम्मान, डॉ सरिता सिंह (गोरखपुर) को विद्या भास्कर सम्मान , डॉ प्रेमलता रसबिंदू (गोरखपुर) साहित्य शिरोमणि सम्मान, ईश्वर चंद विद्या वाचस्पति (संत कबीर नगर) को साहित्य ज्ञान गौरव रत्नसम्मान, भारतेन्दु सिंह (गोरखपुर ) को साहित्य श्री सम्मान, जगदीश खेतान, जयराम शर्मा दिनेश गोरखपुरी, अभय श्रीवास्तव एवं वंदना सूर्यवंशी (गोरखपुर) – साहित्य ज्ञान भूषण सम्मान,दानिका प्रसाद – काव्य रस साधक, कमलेश मिश्र (देवरिया) एवं प्रिया सूर्यवंशी यादव (गोरखपुर) को काव्य रस साधक सम्मान के अतिरिक्त डॉ जेपी सिंह (बलिया), प्रेम नाथ गुप्ता, नरेन्द्र कुमार राय, ओमप्रकाश मिश्र (तीनों गाजीपुर), डॉ रमेश सिंह प्रयागराज, अनोखेलाल यादव, मुक्तिनाथ त्रिपाठी (गोरखपुर ), अनिरुद्ध त्रिपाठी को लोकसेवक श्री सम्मान से सम्मानित किया गया।
उपरोक्त सम्मान आचार्यकुल के राष्ट्रीय अध्यक्ष/आरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति आचार्य धर्मेंद्र, आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अन्तर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय रायबरेली, उप्र ( भारत) के कुलाधिपति डा. इंद्रेश भदौरिया, कुलपति डा. शिवनाथ सिंह ‘शिव’ एवं रायबरेली काव्य रस साहित्य मंच के संरक्षक/प्रशासक यमराज मित्र सुधीर श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से प्रदान किया। इस अवसर पर आचार्यकुल के अनेक पदाधिकारी/ट्रस्टी और बड़ी संख्या में कवि/कवयित्रियों की गरिमामय उपस्थिति रही।
सम्मान प्रदान करते हुए अपने उद्बोधन में आचार्य धर्मेंद्र ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। इसलिए कलमकारों को अपनी साहित्य के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के भी निर्वहन की महती जरूरत है। जबकि शिवनाथ सिंह शिव और इंद्रेश भदौरिया ने इस अभियान को जारी रखने में सहयोग का आश्वासन दिया।
अंत में आयोजन संयोजक अभय ज्योति जिज्ञासु और उपस्थिति सहभागिता करने वाले लोगों काआभार ज्ञापित करते हुए यमराज मित्र ने कहा कि मंच साहित्य से संवाद की ओर आयोजन से देश विदेश के वरिष्ठ/नवोदित रचनाकारों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने की अपनी यात्रा जारी रखेगा।

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