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 भगवद् कृपा न जाहु बखानी  – सुनीलानंद

( 1 ) श्री हरि कृपा
अनन्य भक्ति से मिले,
कर न सकें इसे बखान !
है ये भावों का गहरा आनंद.,
कर न पाएं शब्द इसका बयान !!

( 2 ) श्री प्रभु दया
जब करें भक्तों पे,
तब देख न पाएं नयन !
हो वो महसूस अंतस हृदय से.,
कर न सके वाणी इसका वर्णन !!

( 3 ) श्री ईश्वर भक्ति
समर्पण भाव से होए,
श्रद्धायुक्त होकर करें नमन !
यदि भावों में है गहरी आस्था.,
तब साक्षात् होंगे हमें श्री हरि दर्शन !!

-सुनीलानंद
जयपुर, राजस्थान |

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