धर्म
भोजपुरी देवी पंचरा गीत – श्याम कुंवर भारती

भगवती के दर्शन बहुत मनभावन लागे,
सफल करेली सब काज न हो ,
आहो माई।
श्मशान भूमिया लागे बहुत डरावन न हो,
मुर्दवा पर होलु काली तू खाड़ न हो,
आहो माई।
काटी के मुड़िया दइतवन गरवा पहिनलू तू,
भगतन के कईलू तू उद्धार न हो,
आहो माई।
एक हाथ धईलू माई खउलल ख़परवा हो,
दूजे हथ शोभेला कटार न हो,
आहो माई।
कैलाश के चोटिया बनवलु तू बसेरवा हो,
भोलेनाथ हउवे तोर भर्तार न हो,
आहो माई।
ब्रम्हाणी रूद्राणी कल्याणी धइलू तू भेषवा हो।
दुर्गा चंडी काली बनी पूजालु तू संसार न हो
आहो माई।
भगत भारती अइले बनी के पुजरिया हो,
फेरा तू नजरिया माई सुना मोर गुहार न हो
अहो माई।
-श्याम कुंवर भारती (राजभर)
बोकारो,झारखंड, मॉब.9955509286




