धर्म
शरद पूर्णिमा – सुनील गुप्ता

शरद पूर्णिमा
खिली चाँदनी चहुँओर..,
आओ पीलें मन का अमृत !!1!!
सोलह कलाएं
देखकर चाँद की..,
हुयी आत्मा हम सबकी तृप्त !!2!!
चंद्र देव
उतरे धरती पर…,
लेकर अपना शुभ अमृत कलश !!3!!
धरा पर
जिसने खीरप्रसादी बनायी..,
उसने चखा सच में यहाँ अमृत !!4!!
पूजन करें
हम चंद्रदेव का..,
जो करते पूरा मन का व्रत !!5!!
– सुनील गुप्ता, जयपुर,राजस्थान |




