मनोरंजन
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मैं शलभ हूँ – डॉ जे०पी० तिवारी
एक शलभ हूं मैं तितलियों के इन भ्रमरों के बड़े परिवार का, रंगीन तितलियाँ मन बहलाती हैं प्यार में…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
प्यार से फासला नही रहता, जख्म कोई हरा नही रहता। जो सताता है मूक प्राणी को, उसके दिल…
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प्राइवेट स्कूल का मास्टर: सम्मान से दूर, सिस्टम का मज़दूर – प्रियंका सौरभ
Utkarshexpress.com – प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों से उम्मीदें तो आसमान छूती हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिलता…
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झूले (कहानी) – जनक वैद
Utkarshexpress.com – हमारे घर के सामने वाले अहाते में नीम का बहुत बड़ा पेड़ था। दोपहर के समय आस-पास…
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भक्ति भावना अड़ गई – सुनील गुप्ता
( 1 ) अड़ गई जब भावना श्रीप्रभु भक्ति की…., तो चली छोड़ के, राणाजी को मीराबाई !! ( 2…
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गीत- जसवीर सिंह हलधर
मुक्त कविता के समय में ! लिख रहा हूँ गीत लय में !! देख कर ये हठ अनौखी , हँस…
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आधी सच्चाई का लाइव तमाशा: रिश्तों की मौत का नया मंच – डॉ सत्यवान सौरभ
Utkarshexpress.com- आजकल लोग निजी झगड़ों और रिश्तों की परेशानियों को सोशल मीडिया पर लाइव आकर सार्वजनिक करने लगे हैं, जहां…
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आख़िरी विकल्प नहीं है आत्महत्या – गरिमा भाटी “गौरी”
Utkarshexpress.com – आज के अत्याधुनिक डिजिटल युग में, जहाँ हम तकनीक के माध्यम से दुनिया भर के लोगों से जुड़े…
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गीतिका – मधु शुक्ला
धूप ये वैशाख की कहती कृषक के कान में, अब फसल को भेज दो अतिशीघ्र तुम खलिहान में। चल रहे…
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ये वक्फ की संपत्ति है (हास्य-व्यंग्य) – सुधीर श्रीवास्तव
चिलचिलाती धूप में भागा-भागा यमराज सीधा मेरे कमरे में आया, मैं सो रहा था -झिंझोड़ कर जगाया और कहने लगा…
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