मनोरंजन
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नया भारत और फुले का सपना – प्रियंका सौरभ
Utkarshexpress.com- “ज्योतिबा फुले का भारत बनाना अभी बाकी है” फुले केवल उन्नीसवीं सदी के समाज सुधारक नहीं थे, बल्कि वे…
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मौन हैं वो, पर उनके दर्द की आवाज़ अब गूंजनी चाहिए – मनीषा जैन
Utkarshexpress.com- क्या आपने कभी मोर की आंखों में आँसू देखे हैं? या किसी घायल हिरण की कंपकंपाती सांसों को महसूस…
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बिन तेरे बेचैन’ – हरियाणवी सिनेमा में प्रेम, जुनून और मानसिक उथल-पुथल की अनोखी कहानी – डॉ. सत्यवान सौरभ
Utkarshexpress.com- यह फिल्म हरियाणवी सिनेमा के बदलते परिदृश्य को दर्शाती है, जो पारंपरिक कहानियों से आगे बढ़कर नए विषयों को…
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तीर्थंकर भगवान महावीर की मनाई गई 2624 वीं जन्म जयंती
utkarshexpress.com देवबंद महताब आज़ाद – जैन समाज ने जियो और जीने दो के मार्ग पर चलने का संकल्प लेकर पालकी…
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बड़े अच्छे लगते हैं – सविता सिंह
अच्छा लगता है तुम्हारा हक जताना, बात-बात पर चाहते हो यह बताना, कहीं जाते वक्त यूँ मुड़ मुड़ कर देखना,…
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तेरी क्या है जात – डॉ सत्यवान सौरभ
बाबा बोले मूत्र पिएँ, पीते श्रद्धावान। मगर दलित का जल बने, छूते ही अपमान॥ नेत्र मूँद कर मानते, बाबा…
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परमार्थ परायण पवन पुत्र हनुमान – पं. लीलापत शर्मा
Utkarshexpress.com – दैवी अनुग्रह प्राप्त करने के लिए पूजा उपासना ही एक मात्र मार्ग नहीं है। इसके अतिरिक्त परमार्थ प्रयोजनों…
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जाति की जंजीरें: आज़ादी के बाद भी मानसिक गुलामी – प्रियंका सौरभ
Utkarshexpress.com – आस्था पेशाब तक पिला देती है, जाति पानी तक नहीं पीने देती। कैसे लोग अंधभक्ति में बाबा की…
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पौरुष के प्रतीक संकट मोचन वीर हनुमान – शैलेन्द्र दुबे
Utkarshexpress.com – भारत सहित दुनिया में ऐसे अनेक देव स्थान हैं। जहां मूर्ति रूप में ईश्वर की सर्वांगमयी सत्ता से…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
कर रही है आज राधा श्याम का इंतजार भी, आ,जरा दर्शन भी दे दो,रख नही तू खार भी। …
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