मनोरंजन
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कसक – सविता सिंह
गुढ़ लगती वह इतनी जैसे हो कोई वेद, किस तरह समझे भला उसके नैनो के भेद। बिखरी बिखरी सी लट…
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जब कविता मंचों में सिमट जाए, जन-सरोकार पीछे छूट जाएँ और कवियों का लोकतंत्र तमगों व सर्टिफ़िकेटों में बदल जाए। – डॉ. सत्यवान सौरभ
utkarshexpress.com – कविता समाज की सामूहिक चेतना की आवाज़ होती है। वह समय का दस्तावेज़ भी है और समय से टकराने…
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वसुधा – डॉ क्षमा कौशिक
अद्भुत है परिवेश, धरा की शोभा न्यारी। वसुधा कर शृंगार, लगे सब को अति प्यारी।। मद्धम मद्धम धूप, हवा भी…
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“मन के वृंदावन में” काव्य कृति का वर्ल्ड बुक फेयर में हुआ विमोचन – राजू उपाध्याय
utkarshexpress,com (नई दिल्ली/ एटा) – दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम के विराट भवन 53 वें वर्ल्ड बुक फेयर…
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वीर बाल दिवस – निहारिका झा
धर्म कर्म जिनका था भारत सांसे हिन्दुस्तानी थीं ऐसे गुरु गोविंद की ओज भरी ये कहानी थी। सिक्खों के दसवें…
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सिद्धिर्भवति कर्मजा – सुनील गुप्ता
( 1 ) संकल्प से सिद्धि की यात्रा, शुरुआत करें सर्वप्रथम सद्प्रयासों से !! ( 2 ) द्वार खुलें सौभाग्य…
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ग़ज़ल – रीता गुलाटी
वो नशे मे बहुत बहकते हैं, जाम ले फूल सा वो खिलते हैं। हाय क्यो दर्द मे वो घुलते…
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अधूरी ख्वाहिशे जिंदगी की – नीलांजना गुप्ता
अधूरी ख्वाहिशें जिन्दगी की लुभाती हैं। मृगतृष्णा के रेगिस्तान में दौड़ाती हैं ।। अपनी परछाई यहाँ कौन पकड़ पाया…
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साथ निभाना साथिया – शिवनाथ सिंह
साथ निभाना साथिया, तुम भूल नही जाना । कदम आगे ही बढाना,पर तनिक ना घबड़ाना । मंजिले फिर मिलेगीं…
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गणतंत्र दिवस- जसवीर सिंह हलधर
महानता ज़हान को दिखा रही है भारती । विज्ञान संग वेद भी सिखा रही है भारती । कहीं पुकार धर्म…
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