मनोरंजन
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संयम का ज्ञान और खर्च के गणित का गड़बड़झाला (व्यंग्य) – मुकेश “कबीर”
utkarshexpress.com सरकार ने आग्रह किया कि विदेश जाकर ज्यादा खर्च न करें, वहाँ से सोना नहीं खरीदें। इस बात का…
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प्रभाती वंदन – डॉ गीता पांडेय
गुरुवर होते सूर्य सम, भरते हृदय प्रकाश। शिष्यों को शुचि ज्ञान दे, करें तिमिर का नाश। लक्ष्य मार्ग बनता सुगम,…
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समझे जीवन-साथ — डॉo सत्यवान सौरभ
अपनाए जिनको सदा, समझे जीवन-साथ, वक़्त पड़े वे चल पड़े, छुड़ा-छुड़ा कर हाथ॥ जिनको हृदय में स्थान दे, माना…
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मातृ शक्ति (आल्ह छंद में गीतिका) – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
माँ जननी माता या माई, मदर बोलता है संसार। अलग बोलियों भाषाओं में, दिए नाम हैं कई हजार।1 सबके नयनों…
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विदेशी आंकड़ों पर नाचते देशी किटाणु (व्यंग्य)- सुधाकर आशावादी
utkarshexpress.com – अपनी ख़ासियत है कि अपन को अपने आप पर बिल्कुल विश्वास नही है। विदेश की धरती से जब…
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माँ का एहसान – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
माँ का एहसान क्या शब्दों में उतर पाएगा, जितना लिखूँ, उतना ही मन और झुक जाएगा। जब पहली बार आँखें…
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मां – जया भराड़े बड़ोदकर
तेरे उपकार की सीमा कहां? तेरे जीवन शैली सी कहानी कहां? तू ही भगवान यहां, तेरा अनवरत निस्वार्थ प्रेम जहां।…
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मॉं की ममता (कहानी) – आरती चौगुले
utkarshexpress.com -सुबह छह बजे आँख खुली। आज रविवार था, छुट्टी। ऑफिस जाने की कोई जल्दी नहीं थी। फिर भी आदतन…
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मौसम करवट बदल रहा है – राजलक्ष्मी श्रीवास्तव
मौसम करवट बदल रहा है, धीरे-धीरे रंग नया ढल रहा है, ठंडी हवाओं की चादर हटती, गर्मी का सूरज पल-पल…
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लोकतंत्र – डॉ. प्रियंका सौरभ
लोकतंत्र अब रो रहा, देख बुरे हालात। संसद में चलने लगे, थप्पड़-घूँसे, लात॥ मर्यादा के नाम पर, होती केवल…
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