मनोरंजन
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कुर्सी का खेल – अविनाश श्रीवास्तव
कुर्सी का खेल बड़ा निराला, यहाँ हर कोई है मतवाला। सत्ता की इस दौड़ में देखो, अपना-पराया सब है हाला।…
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झांसा वाली रानी (व्यंग्य) – मुकेश “कबीर”
utkarshexpress.com – आखिर दीदी बंगाल हार ही गई लेकिन फिर भी वह इस बात पर अडिग हैं कि “मैं इस्तीफा…
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खेल चल रहा था – ममता सिंह राठौर
अंतर्मन में कोई खेल चल रहा था। फूल और कांटों का मेल चल रहा था। सन्नाटें में भी शोर…
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समाज का आईना है पत्रकार- डॉ अनमोल कुमार
दूसरों को जीना सिखाओगे क्या….? क्योंकि पत्रकार सिर्फ खबर नहीं लिखता, वो समाज का आईना होता है, जो सच को…
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जेठ माह के प्रथम बड़े मंगल – कर्नल प्रवीण त्रिपाठी
जन्म लिया तिथि पूनम को अति पावन है शुभ चैत्र महीना। मारुत के गृह थे जनमे बजरंग समान न और…
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खेल चल रहा है – ममता सिंह राठौर
खेल चल रहा था, फूल और कांटों का मेल चल रहा था सन्नाटें में शोर चल रहा था, मन…
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कुशल – जया भराड़े बड़ोदकर
utkarshexpress.com – गांव का लड़का है वह स्कूल जाना चाहता है पर घर में पिताजी चाचा जी खेती कर ने…
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छोटी सी बात – सुनील गुप्ता
( 1 ) करें न छोटे मुँह.., कभी अदनी सी बात !! ( 2 ) बनें न मियाँ मिट्ठू.., करके…
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श्रमिक दिवस – डॉ अनमोल कुमार
ईंट पर ईंट धरता है, महल खड़े हो जाते हैं। पर उसके घर की छत, बरसात में टपक जाती है।…
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मैं बेवकूफ हूँ (हास्य) -सुधीर श्रीवास्तव
utkarshexpress.com – आज सुबह-सुबह मित्र रमराज ने मुझे फोन करके कहा- प्रभु! आप बेवकूफ हैं। मैंने हँसते हुए पूछा -यह…
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