‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था के तत्वाधान में हुआ काव्य गोष्ठी का आयोजन

utkarshexpress.com Dehradun – जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था के तत्वावधान में दिनांक 10 मई 2026 (रविवार) को मातृ-दिवस के उपलक्ष्य में साहित्यिक संगोष्ठी का सफल आयोजन श्री विनायक ज्वेलर्स, विनायक टावर, जी.एम.एस रोड, देहरादून में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मधु भट्ट (उपाध्यक्ष, उत्तराखंड संस्कृति साहित्य कला परिषद) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकुमार पुरोहित (पूर्व राज्य मंत्री), श्रीमती पदमा बंडारी (प्रधानाचार्य, चैतन्य स्कूल, देहरादून), धीरेंद्र प्रताप सिंह (संपादक JK 24.7 न्यूज़ एवं स्टेट हेड, गुलिस्तान न्यूज़), पार्षद श्रीमती बबीता गुप्ता, डॉ विधुत प्रभा चतुर्वेदी, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मंचासीन विशेष आमंत्रित कवियों में वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती मीनाक्षी दिनेश (नोएडा, उ.प्र.) तथा श्री गौरव विवेक (देवबंद, उ.प्र.) ने अपनी ससम्मान उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा सुमधुर वाणी वंदना के साथ किया गया। कार्यक्रम का सफल, सुगठित एवं प्रभावशाली संचालन संस्था की संयोजिका श्रीमती मणि अग्रवाल ‘मणिका’ द्वारा किया गया।
यह साहित्यिक आयोजन आमंत्रित कवियों एवं देहरादून के प्रतिष्ठित कवि-कवयित्रियों की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से भाव, संवेदना और ऊर्जा से सराबोर रहा। सभी रचनाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
आमंत्रित प्रतिभागियों में श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, श्रीमती मीनाक्षी दिनेश, धीरेन्द्र प्रताप, पद्मा बंडारी, श्री जी.के. पिपिल, श्रीमती मणि अग्रवाल ‘मणिका’, डॉ. भारती मिश्रा, डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजु’, महेंद्र प्रकाशी, श्रीमती उर्मिला राममूर्ति, डॉ. उषा झा रेणु, अरुण भट्ट, सुभाष चंद वर्मा, श्रीमती सुमन किमोठी, रविंद्र सेठ ‘रवि’, श्रीमती मंजु श्रीवास्तव ‘मन’, डॉ. उषा झा ‘रेणु’, अशोक कुमार शर्मा, श्रीमती मीना अदलखा, श्रीमती आभा दुनवी, श्रीमती मीना बिष्ट, अशोक शर्मा, सतेन्द्र शर्मा ‘तरंग’, सुश्री अनन्या गर्ग एवं श्रीमती जया रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही।
श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ की पंक्तियाँ “माता का निस्वार्थ प्यार, ममता भरा दुलार” विशेष रूप से प्रेरणादायी रही।
श्रीमती मीनाक्षी दिनेश ने माता और पिता पर सुंदर भाव पूर्ण रचना सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी।
श्रीमती मणि अग्रवाल ‘मणिका’ की भावपूर्ण कविता “सबको हँसा-हँसा कर जाने क्यों रो गई” ने श्रोताओं की भरपूर सराहना प्राप्त की।
जी.के. पिपिल ने “यही वो सवाल है जिसका हल ना मिलेगा। सारा जग ढूँढ लो माँ का बदल ना मिलेगा।।” सुनाकर वातावरण को मातृममता से सराबोर कर दिया।
धीरेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी प्रभावशाली रचना “हम से पागल को समझ पाना तेरे बस का नहीं। हम वो दरिया हैं जो बर्तन में नहीं आ सकते।” भावपूर्ण वाचन किया।
डॉ. भारती मिश्रा ने अपनी कविता “आज फिर से अपना आँचल लहरा दे” के माध्यम से माँ के प्रेम का सशक्त चित्रण प्रस्तुत किया।
डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ने “सभी मातु जो सृष्टि में, सबको विनत प्रणाम। सृजन सहायक हैं सभी, पात-पात आयाम।।” सुनाकर सभी को भावविभोर दिया।
सतेन्द्र शर्मा ‘तरंग’ ने “माँ के पावन मातृत्व को दिन विशेष में कैसे तोलूँ, हिमालय सी उसकी शिखरता को शब्दों में कैसे बोलूँ।” सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
रविंद्र सेठ ‘रवि’ ने “माँ तो माँ होती है, माँ से बड़ा कोई नहीं होता। माँ का महत्व वही जानता, जो असमय माँ को खोता।” सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सभी रचनाकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से देवभूमि की पावन मिट्टी में संवेदना, सौंदर्य-बोध एवं सामाजिक चेतना की अनुपम त्रिवेणी प्रवाहित की। मातृ दिवस पर प्रस्तुत ममता से ओत-प्रोत रचनाओं ने जन-मन को भावविभोर कर दिया तथा श्रोताओं में उत्साह एवं ऊर्जा का संचार किया।
संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने अपने उद्बोधन में कहा कि “माँ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, ममता, करुणा और संस्कारों की जीवंत प्रतिमा है। हमारा उद्देश्य साहित्य के माध्यम से मातृत्व के सम्मान, संवेदनाओं और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को समाज तक पहुँचाना है। हम सभी मातृशक्ति को नमन करते हैं और यही कामना करते हैं कि माँ का आशीर्वाद सदैव मानवता का मार्गदर्शन करता रहे।”
मुख्य अतिथि श्रीमती मधु भट्ट एवं राजकुमार पुरोहित ने अपने उद्बोधन में साहित्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए संस्था के इस सराहनीय आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु आयोजक विनायक ज्वेलर्स के संस्थापक आदरणीय श्रीमती शिवानी गर्ग, अमित गर्ग, श्रीमती दिपाली गर्ग एवं सुमित गर्ग का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
अंत में संस्था की अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ ने सभी अतिथियों, आमंत्रित कवियों, रचनाकारों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए मातृ-दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
“माँ के स्नेह, ममता और त्याग को समर्पित रही काव्य संध्या,
शब्दों की मधुर अभिव्यक्तियों ने भावनाओं से भर दिया जन-मन।”
– कविता बिष्ट ‘नेह’(अध्यक्ष) ‘जीवन्ती’ देवभूमि साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था




